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जुलाई में मिलेगा पूरा वेतन और तीन महीने का एरियर, सरकार का बड़ा फैसला

रविवार को सचिवालय पहुंचे सीएम सुक्खू, कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए किए कई बड़े ऐलान
डेफर वेतन बहाल, जुलाई में मिलेगा पूरा वेतन और तीन महीने का एरियर
HRTC पेंशनरों, कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को भी दी बड़ी राहत


आमतौर पर रविवार को सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा रहता है, लेकिन इस बार हिमाचल प्रदेश सचिवालय में छुट्टी के दिन भी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को स्वयं सचिवालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इन फैसलों का सीधा असर मंत्रियों, विधायकों, नौकरशाहों, पेंशनरों और हजारों HRTC कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।

प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर लंबे समय से विपक्ष लगातार सरकार पर हमले कर रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री ने एक साथ कई राहत भरी घोषणाएं कर यह संदेश देने की कोशिश की कि राज्य की वित्तीय स्थिति अब पहले की तुलना में बेहतर हो रही है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने वाले फैसलों की जानकारी दी।

सबसे बड़ी घोषणा उन मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रही, जिनकी सैलरी पहले डिफर की गई थी। सरकार ने इस संबंध में जारी अधिसूचना वापस लेने का फैसला किया है। अब जुलाई महीने में मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और विभागाध्यक्षों को पूरा वेतन मिलेगा। साथ ही पिछले तीन महीनों का बकाया एरियर भी एकमुश्त जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को भी बड़ी राहत दी है। उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान जुलाई महीने में किया जाएगा। लंबे समय से एरियर की प्रतीक्षा कर रहे हजारों पेंशनरों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है।

HRTC पेंशनरों के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब निगम के पेंशनरों को हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच नियमित पेंशन जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सरकार HRTC को 20 करोड़ रुपये की ग्रांट देगी। मुख्यमंत्री के अनुसार निगम में हर महीने लगभग 23 करोड़ रुपये पेंशन भुगतान पर खर्च होते हैं, जिसमें से 3 करोड़ रुपये निगम स्वयं वहन करेगा जबकि बाकी राशि सरकार उपलब्ध कराएगी।

सरकार ने HRTC कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए भी 20 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है। इसमें 13 करोड़ रुपये पेंशनरों के मेडिकल रीइम्बर्समेंट बिलों के भुगतान पर खर्च होंगे, जबकि 7 करोड़ रुपये वर्तमान कर्मचारियों के लंबित मेडिकल क्लेम निपटाने में लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान के लिए 15 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती के बावजूद प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद किए हैं और वित्तीय अनुशासन लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।

उन्होंने बिजली क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल दो मीटर तक बिजली सब्सिडी सीमित करने और बड़े व्यावसायिक संस्थानों को दी जा रही सब्सिडी बंद करने जैसे फैसले लिए हैं। इससे बिजली बोर्ड की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि पहले सरकार को बिजली बोर्ड को करीब 2200 करोड़ रुपये तक की सहायता देनी पड़ती थी, जबकि अब यह राशि लगभग 1000 करोड़ रुपये रह गई है।

राहत घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर भवन निर्माण करवाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई कठिन फैसले लिए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महंगाई का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है और लगातार बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगे गैस सिलेंडरों और बढ़ती महंगाई के बावजूद लोग भाजपा को वोट क्यों दे रहे हैं, यह उनकी समझ से बाहर है।