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हिमाचल में फ्लैश फ्लड का खतरा, अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील

अगले 24 घंटे में शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

कसौली में 105 मिमी बारिश, हमीरपुर के नेरी में 81 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चला तूफान

भरमौर और रोहतांग के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी, 17 जून तक मौसम खराब रहने के आसार


हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के लिए अगले 24 घंटे के दौरान फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार शिमला और सिरमौर जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

गुरुवार रात प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज बारिश दर्ज की गई। चंबा के भरमौर और लाहौल-स्पीति से सटे रोहतांग क्षेत्र में ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। वहीं कई स्थानों पर तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोलन जिले के कसौली में सबसे अधिक 105 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मपुर में 86.6 मिमी, पालमपुर में 40 मिमी, सोलन में 34.6 मिमी, नाहन में 26.7 मिमी और शिमला में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। हमीरपुर जिले के नेरी क्षेत्र में मौसम ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया, जहां 81 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चला।

प्रदेश के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। कुल्लू के मलाणा और शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र में रात के समय ओले गिरने से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। कई शहरों का न्यूनतम तापमान एक ही रात में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

कुफरी का तापमान 6.6 डिग्री गिरकर 8.9 डिग्री सेल्सियस, पालमपुर का तापमान 15 डिग्री और शिमला का तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में तापमान गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और शाम ठंड का अहसास फिर से बढ़ गया है।

चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भारी बारिश के बाद रजेरा के गढ़ नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे करीब 20 भेड़-बकरियां बह गईं। इस घटना में स्थानीय पशुपालक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी पेड़ गिरने, सड़कों पर मलबा आने और वाहनों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा और तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग ने 17 जून तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है। 13 से 15 जून के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का मौसम बेहद सुहावना हो गया है। शिमला का अधिकतम तापमान 28 डिग्री, मनाली का 27.5 डिग्री, कुफरी का 22.2 डिग्री और नारकंडा का 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। समर टूरिस्ट सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक ठंडे और सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं।