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शिक्षा गुणवत्ता में हिमाचल की बड़ी छलांग, देश में छठा स्थान

परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में हिमाचल ने लगाई बड़ी छलांग, देश में छठा स्थान हासिल
एक साल में 85.4 अंकों की बढ़ोतरी, शिक्षा गुणवत्ता में बड़ा सुधार
हमीरपुर बना प्रदेश का टॉप जिला, 11 जिलों ने हासिल की ‘उत्तम-3’ श्रेणी


हिमाचल प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 और PGI-D 2024-25 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में छठा स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष के मुकाबले राज्य ने अपने कुल स्कोर में 85.4 अंकों की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस उपलब्धि को प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में हिमाचल का कुल पीजीआई स्कोर 573.8 था, जो 2024-25 में बढ़कर 659.2 पहुंच गया है। इस सुधार के साथ हिमाचल राष्ट्रीय रैंकिंग में 13वें स्थान से सीधे छठे स्थान पर पहुंच गया।

सबसे बड़ा सुधार ‘सीखने के परिणाम और गुणवत्ता’ श्रेणी में देखने को मिला, जहां हिमाचल का स्कोर 54.2 से बढ़कर 117.9 हो गया। इसे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता में हुए बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा राज्य ने समानता के क्षेत्र में 90.5 फीसदी, पहुंच और शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में 86.6 फीसदी तथा बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का स्कोर 97.0 से बढ़कर 110.5 हो गया।

जिला स्तर पर भी हिमाचल का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। प्रदेश के 12 में से 11 जिलों ने ‘उत्तम-3’ श्रेणी हासिल की। हमीरपुर जिला 417 अंकों के साथ प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बना। इसके बाद शिमला दूसरे और कांगड़ा तीसरे स्थान पर रहा।

लाहौल-स्पीति जैसे जनजातीय जिले ने भी सराहनीय सुधार दिखाते हुए 372 अंक हासिल किए। इसे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत होने का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश के जिलों की तुलनात्मक रैंकिंग

 

रैंक 2024-25 रैंक 2023-24 जिला स्कोर 2024-25 ग्रेड 2024-25 रैंक परिवर्तन
1 5 हमीरपुर 417 उत्तम-3 ↑4
2 4 शिमला 407 उत्तम-3 ↑2
3 1 कांगड़ा 391 उत्तम-3 ↓2
4 8 कुल्लू 388 उत्तम-3 ↑4
5 3 ऊना 385 उत्तम-3 ↓2
6 (टाई) 7 बिलासपुर 383 उत्तम-3 ↑1
6 (टाई) 2 सोलन 383 उत्तम-3 ↓4
8 10 चंबा 376 उत्तम-3 ↑2
9 12 लाहौल-स्पीति 372 उत्तम-3 ↑3
10 6 मंडी 366 उत्तम-3 ↓4
11 9 सिरमौर 365 उत्तम-3 ↓2
12 11 किन्नौर 354 प्रचेष्टा-1 ↓1

हालांकि रिपोर्ट में कुछ ऐसे क्षेत्र भी सामने आए हैं, जहां अभी और सुधार की आवश्यकता बताई गई है। खासतौर पर शासन प्रक्रियाओं, आधार सीडिंग, शिक्षकों और विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति, इंटरनेट आधारित स्कूल प्रबंधन और स्कूल डेटा के समय पर अपडेट जैसे क्षेत्रों में सुधार की जरूरत जताई गई है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों के बीच यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हिमाचल प्रदेश सहित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग

रैंक राज्य / केंद्र शासित प्रदेश स्कोर ग्रेड
1 चंडीगढ़ 739.1 प्रचेष्टा-1
2 पंजाब 709.1 प्रचेष्टा-1
3 केरल 687.7 प्रचेष्टा-2
4 डीएनएच&डीडी 683.2 प्रचेष्टा-2
5 दिल्ली 675.5 प्रचेष्टा-2
6 हिमाचल प्रदेश 659.2 प्रचेष्टा-2
7 ओडिशा 655.2 प्रचेष्टा-2
8 महाराष्ट्र 649.8 प्रचेष्टा-2

राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में चंडीगढ़ पहले स्थान पर रहा, जबकि पंजाब दूसरे और केरल तीसरे स्थान पर रहा। हिमाचल ने दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे बड़े राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।