➤ परवाणू में पंजाबी टूरिस्टों और HRTC कर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया
➤ बस के अचानक ब्रेक लगाने के बाद विवाद बढ़ा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
➤ पुलिस ने दो पर्यटकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर पर्यटकों और स्थानीय परिवहन कर्मचारियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। सोलन जिले के परवाणू में पंजाब से आए कुछ पर्यटकों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग HRTC कर्मचारियों के साथ बहस करते, गालियां देते और कथित तौर पर हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, रामपुर डिपो की HRTC बस बुधवार दोपहर रामपुर से अंबाला की ओर जा रही थी। जब बस सोलन जिले के परवाणू स्थित टोल प्लाजा के पास पहुंची तो सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण चालक गिरजा राम ने वाहन की रफ्तार कम कर दी। इसी दौरान पीछे से आ रही पंजाब नंबर की एक कार बस से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला धक्का-मुक्की तथा मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि कार में सवार पर्यटकों ने HRTC के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा मारपीट की। वायरल वीडियो में भी कुछ लोग कर्मचारियों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान मौके पर पुलिस पहुंच गई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी रही।

घटना के बाद बस चालक गिरजा राम और कंडक्टर अमनजीत सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंजाब के अमृतसर निवासी गजेंद्र और चमकोर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि कार में सवार पर्यटक शिमला और आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर कर पंजाब लौट रहे थे। वहीं घटना के बाद HRTC कर्मचारियों और परिवहन निगम के स्टाफ में रोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।



