Panchayat Strict Resolution Against Drugs : हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं विकासखंड की ग्राम पंचायत औहर ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया है। पंचायत की मासिक बैठक में प्रधान श्रीमती प्रेमलता ठाकुर की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि चिट्टे (हेरोइन) जैसी नशीली वस्तुओं में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति और उनके परिवारों को पंचायत द्वारा दी जाने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। यह फैसला हिमाचल को नशमुक्त बनाने की मुहीम में एक सराहनीय प्रयास है।

आरोपी की जमानत कराने वालों पर भी गिरेगी गाज
पंचायत ने यह भी फैसला लिया है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे आरोपी की जमानत करवाएगा, तो उसके परिवार को भी पंचायत की सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, पंचायत स्तर पर ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा ताकि गाँव और समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।
नशे के खिलाफ कड़ा संदेश
पंचायत का यह सख्त फैसला हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी की समस्या से निपटने के लिए एक मिसाल बन सकता है। प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा लगातार नशे के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन पंचायत स्तर पर इस तरह के कड़े निर्णय सामाजिक चेतना को और मजबूती देंगे।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव
बैठक में पंचायत के सभी सदस्यों ने एकमत होकर इस प्रस्ताव को पारित किया। पंचायत का मानना है कि नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ने की जरूरत है, ताकि गाँव और युवा वर्ग को इस बुरी लत से बचाया जा सके। पंचायत ने लोगों से अपील की है कि वह नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करें और जागरूकता फैलाएँ।
यह प्रस्ताव आने वाले समय में अन्य पंचायतों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जिससे समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।



