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मक्की से भरा ट्रक दो बाइकों पर पलटा, पिता-बेटियों समेत चार की मौत

बेकाबू ट्रक ने दो बाइकों को रौंदा, पिता-बेटियों समेत चार की मौत

रेणुकाजी दर्शन के लिए जा रहा था परिवार, महिला गंभीर घायल

हिमाचल-हरियाणा सीमा पर लालढांग के पास हुआ दर्दनाक हादसा


हिमाचल-हरियाणा सीमा पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जिंदगी छीन ली। जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे-907 पर लालढांग के निकट मक्की से भरा एक बेकाबू ट्रक दो बाइकों पर सवार परिवार के ऊपर पलट गया। हादसे में पिता और उनकी दो बेटियों समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार हादसा यमुनानगर जिले के लालढांग क्षेत्र में क्लेसर नेशनल पार्क के पास हुआ। परिवार हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रेणुकाजी में दर्शन के लिए जा रहा था। पांच लोग दो बाइकों पर सवार होकर हिमाचल की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पांवटा साहिब की तरफ से मक्की लेकर आ रहा एक ट्रक ढलान से उतरते समय अचानक अनियंत्रित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक सड़क पर पलट गया और सीधे दोनों बाइकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार सभी लोग ट्रक के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की।

इस दर्दनाक हादसे में हरियाणा के यमुनानगर जिले के चुहड़पुर कलां निवासी राजेंद्र धीमान (45), उनकी बेटियां सिमरन उर्फ सिम्मी (14) और मिनल उर्फ मिनी (12) तथा रिश्तेदार फूल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राजेंद्र धीमान की पत्नी उषा गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को तुरंत हरियाणा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

हादसे की सूचना मिलते ही हरियाणा पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी प्रतापनगर रोहताश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ढलान पर ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।

घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम भी लग गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया और यातायात बहाल कराया। हादसे की खबर से मृतकों के गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर भारी वाहनों की गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।