➤ वोल्वो बस चालक से मारपीट के विरोध में थमीं निगम की बसें
➤ सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज
➤ ठियोग की ओर फरार दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल चार आरोपी पकड़े गए
शिमला में वोल्वो बस चालक के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद प्रदेशभर में परिवहन निगम कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसके चलते कई स्थानों पर निगम की बसों के पहिए थम गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस प्रदर्शन का असर आम लोगों के साथ-साथ पंचायत चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह दिल्ली से शिमला आ रही वोल्वो बस के चालक के साथ कच्चीघाटी क्षेत्र में मारपीट की गई थी। बताया जा रहा है कि ओवरटेक करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार लोगों ने बस को रोक लिया और चालक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। घटना के समय बस में मौजूद यात्रियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना था कि घटना में अन्य लोग भी शामिल थे, इसलिए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और कई स्थानों पर बस सेवाएं प्रभावित हो गईं।
इस मामले में बाद में बड़ा अपडेट सामने आया। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल दो अन्य आरोपी ठियोग की तरफ फरार हो गए थे। ठियोग पुलिस की टीम ने दोनों को पकड़कर बालूगंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अब इस मामले में कुल चार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज कुमार पुत्र शिव कुमार निवासी अभयपुर पंचकूला हरियाणा, विकास कुमार पुत्र विलक्षण राम निवासी अभयपुर पंचकूला हरियाणा, प्रतिभा पत्नी विक्की कुमार निवासी अभयपुर पंचकूला हरियाणा और विक्की कुमार पुत्र शिव कुमार निवासी अभयपुर पंचकूला हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद परिवहन निगम कर्मचारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सार्वजनिक सेवा में लगे चालक और परिचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर सख्ती नहीं दिखाई गई तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
इस बीच प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां भी जोरों पर हैं। मतदान दलों को विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। ऐसे में बस सेवाएं प्रभावित होने से चुनावी व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।



