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सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार, लेह में इंटरनेट सेवा ठप

➤ सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार
➤ लेह में इंटरनेट सेवा बंद और तनावपूर्ण हालात
➤ हिंसा में चार लोगों की मौत, सरकार पर सवाल


लद्दाख में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को उस समय और उग्र हो गया जब प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। यह कदम उस घटना के महज एक दिन बाद उठाया गया है, जब लेह में बंद और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है। प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती और बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम वांगचुक को उनके घर ले गई।

स्थानीय संगठनों और वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि केंद्र सरकार से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष संरक्षण लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन सरकार की तरफ से ठोस कदम न उठाए जाने से आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों पर सवाल उठाए। वहीं गृह मंत्रालय ने इस हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है।

सूत्रों के अनुसार, वांगचुक को लद्दाख पुलिस प्रमुख एस.डी. सिंह जम्वाल के नेतृत्व में दोपहर 2:30 बजे गिरफ्तार किया गया। हालांकि, उन पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पिछले कई वर्षों से लेह एपेक्स बॉडी और कर्गिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ मिलकर वांगचुक राज्य का दर्जा बहाल करने और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। वांगचुक ने हिंसा की निंदा की है और हाल ही में अपना 15 दिन का अनशन समाप्त किया था।