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फरीदकोट (पंजाब) निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर आकाशदीप सिंह जम्मू में हुए हमले में शहीद
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चरखी दादरी (हरियाणा) के जवान मनोज फोगाट पंजाब में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से शहीद
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दोनों गांवों में शोक की लहर, पार्थिव देह शुक्रवार को गांव पहुंचने की संभावना
Indian Army: देश की सरहदों की सुरक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर और पंजाब बॉर्डर पर दो भारतीय जवानों ने शहादत दे दी। पंजाब के फरीदकोट निवासी अग्निवीर आकाशदीप सिंह और हरियाणा के चरखी दादरी निवासी जवान मनोज फोगाट ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। दोनों की शहादत की खबर के बाद से उनके गांवों में मातम पसरा है और परिजनों समेत पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।
देश की सेवा में तैनात दो भारतीय जवानों ने अलग-अलग इलाकों में ड्यूटी के दौरान शहादत दी है, जिससे उनके गांवों में मातम का माहौल है। पहली घटना पंजाब के फरीदकोट जिले के गांव कोठे चहिल की है, जहां के रहने वाले 22 वर्षीय अग्निवीर आकाशदीप सिंह की जम्मू-कश्मीर में गोली लगने से मृत्यु हो गई। उनके परिजनों को गुरुवार सुबह सेना द्वारा यह सूचना दी गई कि सिर में गोली लगने से आकाशदीप शहीद हो गए हैं। आकाशदीप करीब दो वर्ष पहले भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और वर्तमान में सिख रेजिमेंट में तैनात थे। उनके पिता बलविंदर सिंह के अनुसार, वह पिछले माह छुट्टी पर गांव आए थे और एक दिन पहले ही उन्होंने फोन पर बात की थी। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दूसरी घटना हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव समसपुर की है, जहां के रहने वाले 34 वर्षीय जवान मनोज फोगाट ने भी देश की सेवा करते हुए प्राणों की आहुति दी। वे 2011 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और पंजाब के कपूरथला स्थित ग्रेनेडियर यूनिट में तैनात थे। 4 मई को ही उनकी छुट्टी खत्म हुई थी और वे ड्यूटी पर लौटे थे, जहां सेवा के दौरान गोली लगने से उनकी शहादत हो गई। गुरुवार को उनके परिजनों को सेना की ओर से सूचना दी गई, जिसके बाद वे पार्थिव शरीर लेने कपूरथला रवाना हुए। गांव में गहरा शोक छाया हुआ है और किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला। शहीद मनोज का अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा। ग्रामीणों के अनुसार मनोज अपने घर का इकलौता चिराग थे, जिनकी शहादत से पूरा गांव गमगीन है।



