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डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक संघर्षविराम का श्रेय लेते हुए कहा, “हमने व्यापार के ज़रिये दबाव बनाया”
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधा, पूछा– क्या भारत ने अमेरिकी दबाव में राष्ट्रीय सुरक्षा गिरवी रखी?
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सोशल मीडिया पर तंज: “अमेरिकी पापा ने वॉर रुकवा दी क्या?”
जयराम रमेश की विवादित टिप्पणी
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘इस बारे में बातूनी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का क्या कहना है? क्या उन्होंने अमेरिकी दबाव में भारत के सुरक्षा हितों को गिरवी रख दिया?’ बीते साल भाजपा ने इस बात को खूब प्रचारित किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन वॉर रुकवा दी। इसके लिए एक विज्ञापन भी तैयार कराया, जिसमें दिखाई दिया कि एक लड़की ने अपने पिता से कहा कि ‘मैंने कहा था ना कि कैसी भी परिस्थिति हो, मोदी जी हमें घर ले आएंगे, वॉर रुकवा दी पापा और फिर हमारी बस निकाली पापा’। इस पर तंज कसते हुए जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘अमेरिकी पापा ने वॉर रुकवा दी क्या?’
India Pakistan Ceasefire: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम पर दिए गए मध्यस्थता के दावे ने भारतीय सियासत में हलचल मचा दी है। रियाद में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों पर व्यापारिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी, और उन्हें समझाया कि परमाणु युद्ध के बजाय व्यापार बेहतर है।
इस बयान पर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने तंज कसते हुए मोदी सरकार से जवाब मांगा है कि क्या भारत ने अमेरिकी दबाव में अपने सुरक्षा हितों से समझौता किया है? रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कुछ दिन पहले हमें अमेरिका से संघर्षविराम का पता चला और अब ट्रंप खुद कह रहे हैं कि उन्होंने धमकी देकर यह कराया।”
इस पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर भी निशाना साधा और पूछा कि आखिर सरकार की ओर से अब तक इस पर चुप्पी क्यों है। रमेश ने मोदी सरकार के पुराने दावे पर भी कटाक्ष किया, जब एक विज्ञापन में मोदी को रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने वाला दिखाया गया था। उसी तर्ज पर उन्होंने लिखा, “अमेरिकी पापा ने वॉर रुकवा दी क्या?”
ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने का दावा कर चुके हैं, जिसे भारत सरकार बार-बार नकार चुकी है। भारत का स्पष्ट रुख है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती। विदेश मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम आपसी समझ से हुआ था, किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं।
ट्रंप के दावों के पीछे उनके चुनावी स्वार्थ भी देखे जा रहे हैं, लेकिन भारत की विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस बयान को केंद्र बनाकर सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर पारदर्शिता की मांग की है।



