मुख्य हेडिंग: हिमाचल में बारिश का कहर: डलहौजी के स्कूल बंद, सलूणी में नाले में बही युवती; 4 जिलों में यलो अलर्ट
➤ डलहौजी में भारी बारिश के चलते सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित
➤ सलूणी में नाले के तेज बहाव में युवती लापता, सर्च ऑपरेशन जारी
➤ बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में आज यलो अलर्ट जारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। चंबा जिले के डलहौजी में शुक्रवार सुबह से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रशासन ने एहतियातन सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं सलूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में भेड़-बकरियां चराकर घर लौट रही एक युवती नाले के तेज बहाव में बह गई। देर रात तक चले खोज अभियान के बावजूद युवती का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
प्रदेश की राजधानी शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों में सुबह से मौसम खराब बना हुआ है। कांगड़ा में सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। लगातार बारिश के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिन इलाकों में लगातार बारिश होगी वहां अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। वहीं जहां धूप निकलेगी वहां तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
मानसून सीजन में सामान्य से 7% कम बारिश
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 29 जुलाई तक सामान्य वर्षा 348.6 मिमी रहती है, जबकि इस वर्ष अब तक 325.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। किन्नौर में 29 प्रतिशत, शिमला और कुल्लू में 23-23 प्रतिशत, चंबा में 15 प्रतिशत, ऊना में 5 प्रतिशत और सोलन में 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
वहीं हमीरपुर में 40 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 47 प्रतिशत, मंडी में 23 प्रतिशत, कांगड़ा में 17 प्रतिशत, सिरमौर में 6 प्रतिशत तथा बिलासपुर में 4 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।



