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ISRO ने लॉन्‍च किया GSAT 6-A सैटेलाइट, जानें क्या होगा फायदा

समाचार फर्स्ट |

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संचार के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। ISRO ने संचार उपग्रह जी सैट 6-A को सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्‍च कर दिया है। इसरो के GSLV-F08 मिशन के ज़रिए इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया है। यह उपग्रह मल्टी-बीम कवरेज सुविधा के जरिए भारत को मोबाइल संचार उपलब्ध कराएग। लॉन्च के लिए उल्टी गिनती बुधवार को ही शुरू हो चुकी थी और गुरुवार शाम 4.56 बजे इसे लॉन्च कर दिया गया। 2000 किलो वजनी इस सैटेलाइट को बनाने में करीब 270 करोड़ रुपयों की लागत आई है।

ये होगा फायदा:-

इसरो द्वारा लॉन्च किया जा रहा यह सैटेलाइट एक हाई पावर एस-बैंड संचार उपग्रह है, जो अपनी कैटेगरी में दूसरा है। भारत इससे पहले जीसैट-6 लॉन्‍च कर चुका है। आज लॉन्च होने वाला यह नया उपग्रह, अगस्‍त 2015 से धरती की कक्षा में चक्‍कर लगा रहे GSAT-6 को सपोर्ट देने के लिए भेजा जा रहा है। इस नए सैटेलाइट में ज्‍यादा ताकतवर कम्‍यूनीकेशन पैनल्‍स और डिवाससेस लगाई गई हैं।

जीसैट-6ए खासतौर पर सेनाओं के बीच दूरस्‍थ स्‍थानों से होने वाली कॉलिंग को आसान बनाएगा। यह उपग्रह खास तौर पर रिमोट एरिया में मौजूद सेनाओं की टुकड़ियों के बीच बेहतर संचार प्रणाली विकसित करने में मददगार होगा।

इस सैटेलाइट में लगा 6 मीटर का कॉम्‍पैक्‍ट एंटीना धरती पर कहीं से भी सैटेलाइट कॉलिंग को आसान बना देगा। इस सैटेलाइट के लॉन्च कर सरकार चाहती है कि देश में छोटे ग्राउंड स्‍टेशन और हाथ में पकड़े जाने वाले उपकरणों से कॉलिंग करने की सुविधा का विकास किया जा सके। जीसैट-6ए सैटेलाइट किसी सामान्‍य संचार उपग्रह से बहुत खास है।

आसान शब्‍दों में कहें तो जीसैट-6ए भारत में सैटेलाइट आधारित मोबाइल कॉलिंग और कम्‍यूनीकेशन को बहुत आसान बनाने में दमदार रोल प्‍ले करेगा।