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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का तीसरा बजट पेश, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समाज के निम्न तबके को राहत देने की उम्मीद
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दूध खरीद मूल्य, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मनरेगा दिहाड़ी में बढ़ोतरी संभव
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नौकरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, टूरिज्म, इलेक्ट्रिक व्हीकल और विधायक निधि में वृद्धि को लेकर संभावित घोषणाएं
Blog: Akhilesh Mahajan
Himachal Budget 2024-25: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जो वित्त विभाग भी संभाल रहे हैं, कुछ ही देर में अपना तीसरा बजट पेश करेंगे। राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए बजट में बड़े लोकलुभावन ऐलान की संभावना कम है, लेकिन ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू के इस तीसरे बजट में राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए संतुलित घोषणाएं की जाएंगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इनिशिएटिव्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए कितनी प्रभावी घोषणाएं करती है और उनका क्रियान्वयन किस प्रकार से होता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने 17 फरवरी 2024 को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 58,444 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसके बाद 11 मार्च को विधानसभा में 17,053 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी पारित किया गया, जिससे कुल बजट आकार में वृद्धि हुई। हालांकि, केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती के कारण इस बार बजट का आकार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बढ़ने की संभावना कम है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजनाएं
दूध खरीद मूल्य में वृद्धि संभव
प्रदेश सरकार ने चुनावी वादे के तहत भैंस के दूध का न्यूनतम खरीद मूल्य 100 रुपये और गाय के दूध का 80 रुपये करने का ऐलान किया था, लेकिन अभी तक यह दर क्रमशः 55 रुपये और 45 रुपये प्रति लीटर है। सरकार चरणबद्ध तरीके से इन दरों में वृद्धि कर सकती है, जिससे लाखों पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार मक्के को 30 रुपये प्रति किलो और गेहूं को 40 रुपये प्रति किलो खरीदने की नीति अपना रही है। बजट में इस दिशा में भी कुछ नए ऐलान संभव हैं।
मनरेगा श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ने की संभावना
प्रदेश में 14.55 लाख से अधिक मनरेगा श्रमिक कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। पिछले वर्ष इसे 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया था। इस बार भी मजदूरी में वृद्धि संभव है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिकों की आय बढ़ेगी।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और मानदेय वृद्धि
8 लाख लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में राहत
प्रदेश में 8.24 लाख से अधिक वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों और एकल नारियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है। सरकार इस बार बजट में पेंशन राशि में वृद्धि कर सकती है, जिससे इन वर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत चौकीदारों के मानदेय में वृद्धि
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मिड-डे मील वर्करों, पंचायत चौकीदारों, मल्टी टास्क वर्करों, पंप ऑपरेटरों और जलवाहकों का मानदेय बढ़ाने की भी संभावना है। सरकार ने पिछले वर्ष भी इनका वेतन बढ़ाया था और इस बार भी इन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
रोजगार सृजन और सरकारी नौकरियों की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की थी कि निजी और सरकारी क्षेत्रों में कुल 42,000 युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इस बजट में भी नई नौकरियों की घोषणा संभव है, जिसमें सरकारी विभागों में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य पदों पर भर्ती की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद पर भी बजट खर्च कर सकती है।
ग्रीन हिमाचल और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 तक हिमाचल को “ग्रीन स्टेट” बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी दी जा सकती है, ताकि लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह ई-वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
सौर ऊर्जा और पर्यटन विकास पर जोर
सरकार हिमाचल में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा, राज्य में पर्यटन को विकसित करने के लिए नई योजनाएं भी लाई जा सकती हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विधायक निधि में वृद्धि की संभावना
विधायक निधि में वृद्धि की भी उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति तेज होगी और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में बेहतर योजनाएं लागू कर सकेंगे।



