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आउटसोर्स कर्मियों ने विधानसभा के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया
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वेतन वृद्धि को नाममात्र बताते हुए स्थाई नीति की मांग की
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मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपने की योजना
Outsourced Employees Protest : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन आज आउटसोर्स कर्मियों ने चौड़ा मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इन कर्मचारियों ने सरकार से अपने वेतन में वृद्धि और स्थाई नीति बनाए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने बजट में केवल नाममात्र वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं होगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले 12 से 15 वर्षों से सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएँ नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कम वेतन और अस्थिर भविष्य के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अनुरोध किया कि उनके लिए स्थाई नीति लागू की जाए, जिससे उन्हें सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिल सके।
आउटसोर्स कर्मियों ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए वेतनमान में मामूली बढ़ोतरी कर दी गई है, लेकिन यह बढ़ोतरी महंगाई को देखते हुए नाकाफी है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि वो लंबे समय से सरकारी विभागों में नियमित कर्मचारियों की तरह कार्य कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें वेतन, छुट्टियाँ और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा जाता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी माँगों को नजरअंदाज किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
आउटसोर्स कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और अपनी माँगों को उनके सामने रखेगा। प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी माँगों को गंभीरता से लेकर जल्द कोई ठोस निर्णय लेगी।



