- हिमाचल पर्यटन निगम के होटलों को अब खाद्य आपूर्ति विभाग करेगा सप्लाई
- खाद्य सामग्री से लेकर क्रॉकरी तक की खरीददारी होगी सेंट्रल बाइंग यूनिट से
- आरएस बाली ने बताया पर्यटन निगम का टर्नओवर पहुंचा ऐतिहासिक स्तर पर
Himachal tourism development: हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम ने अपने स्वर्णिम सफर में नया अध्याय जोड़ दिया है। निगम ने सीमित संसाधन होने के बावजूद 100 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर हासिल कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पर्यटन निगम के अध्यक्ष और कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली के विजन तले अब निगम ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
निगम के होटलों को खाद्य पदार्थों से लेकर क्रॉकरी तक की आपूर्ति अब खाद्य आपूर्ति विभाग के माध्यम से सुनिश्चित करने की तैयारी हो गई है। इस व्यवस्था से न केवल होटल प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि खरीद प्रक्रिया में भी गुणवत्ता और लागत नियंत्रण सुनिश्चित होगा। पर्यटन निगम की सुनहरी उड़ान का यह नया पड़ाव हिमाचल के पर्यटन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री रैंक आरएस बालीने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में इस संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, प्रभावशीलता और राजस्व वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी। अब से पर्यटन निगम के होटल खुद से खाद्य सामग्री या अन्य सामान की खरीद नहीं करेंगे। इसके बजाय, हिमाचल खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस व्यवस्था के तहत सेंट्रल बाइंग यूनिट (CBU) के जरिए सारी खरीददारी होगी। अभी तक होटल प्रबंधक स्थानीय स्तर पर खुद खरीददारी करते थे, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इस नई प्रणाली के तहत हर साल लगभग 30 से 40 करोड़ रुपये की खरीद की जाएगी। इसकी जानकारी शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पर्यटन निगम के अध्यक्ष और कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने दी। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में 20 से 25 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री और क्रॉकरी आदि की आपूर्ति की जाएगी। बाली ने विश्वास जताया कि इस बदलाव से पर्यटन निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मात्र चार माह के भीतर इसके ठोस परिणाम दिखाई देंगे।
आरएस बाली ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में हिमाचल पर्यटन निगम ने अपनी टर्नओवर में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की है। वर्ष 2021-22 में जहां टर्नओवर 78 करोड़ था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 109 करोड़, 2023-24 में 105 करोड़ और 2024-25 में 107 करोड़ तक पहुंच गया। उन्होंने गर्व से कहा कि पर्यटन निगम ने पहली बार 100 करोड़ क्लब में प्रवेश किया है — वह भी बिना सरकार से कोई अनुदान लिए।
इतना ही नहीं, बाली ने यह भी बताया कि पिछले ढाई वर्षों में निगम ने कर्मचारियों की 41 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां भी चुकाई हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल में केवल 26 करोड़ रुपये का भुगतान हो पाया था। भविष्य को लेकर भी बाली ने आशा व्यक्त की कि एडीबी (ADB) से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग होटल के आधुनिकीकरण और रखरखाव पर किया जाएगा, जिससे HPTDC का टर्नओवर अगले कुछ वर्षों में 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य है।
आरएस बाली के नेतृत्व में हिमाचल पर्यटन निगम एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां गुणवत्ता, जवाबदेही और आर्थिक मजबूती प्राथमिक एजेंडा है।



