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कई दिनों से सचिवालय के बाहर मदद की आस में खड़े दिव्यांग आकाश लखनपाल से मिले एचपीटीडीसी अध्यक्ष आर.एस. बाली
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बाली ने मौके पर ही निदेशक को निर्देश दिए कि रियायती दरों पर दुकान मुहैया कराई जाए
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दिव्यांग ने कहा, उम्मीद है अब सपना पूरा होगा और परिवार का सहारा बनूंगा
Akash Lakhnapal Story: सचिवालय के बाहर व्हीलचेयर पर बैठा एक दिव्यांग युवक कई दिनों से टकटकी लगाए किसी रहनुमा की आस लगाए बैठा था। उसकी बेबस निगाहें हर गुजरते अफसर और नेता से उम्मीद बांधती थीं, मगर कोई उसकी सुध लेने नहीं आया। आखिरकार उसका इंतजार खत्म हुआ, जब हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एच.पी.टी.डी.सी.) के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री रैंक आरएस बाली ने उसे सचिवालय गेट पर खड़े देखा।
बिना किसी हिचकिचाहट के बाली अपनी गाड़ी से उतरे और सीधे आकाश लखनपाल के पास पहुंचे। आकाश ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वह व्हीलचेयर पर लिफ्ट के पास स्थित अपने घर से सचिवालय पहुंचा था। उसका परिवार बेरोजगारी से जूझ रहा है और इलाज में आई भारी खर्चे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। आकाश ने गुजारिश की कि उसे लिफ्ट के समीप पार्किंग में रियायती दरों पर एक दुकान दी जाए, ताकि वह खुद का रोजगार शुरू कर सके और अपने परिवार का सहारा बन सके।
आर.एस. बाली ने आकाश की बात पूरे धैर्य से सुनी और तुरंत मौके पर मौजूद निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजीव कुमार को निर्देश दिया कि आकाश को प्राथमिकता पर रियायती दरों पर दुकान उपलब्ध करवाई जाए।
अपनी फरियाद पर त्वरित कार्रवाई होते देख आकाश की आंखें चमक उठीं। उसने कहा, “आज मेरी उम्मीदों को पंख मिले हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं जल्द ही अपना खुद का रोजगार शुरू कर अपने परिवार की मदद कर पाऊंगा।” सचिवालय के बाहर जो चुप्पी थी, वह शनिवार को करुणा और उम्मीद में बदल गई।



