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शिमला बोलेगा – “थैंक्यू प्रशासन”, जब जाम नहीं होगा परेशानी का नाम, 15 दिनों में नया यातायात प्लान होगा लागू

  • शिमला शहर में 15 दिनों में लागू होगा नया यातायात प्रबंधन प्लान

  • उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बस ऑपरेटर यूनियन के साथ बैठक

  • आम जनता से 10 मई तक सुझाव आमंत्रित, ईमेल या लिखित रूप में दे सकते हैं



Shimla Traffic Plan: शिमला शहर में लगातार बढ़ती यातायात चुनौतियों के बीच प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर एक नया ट्रैफिक प्लान लागू करने का दावा किया  है। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर की यातायात व्यवस्था को जन सहयोग से सुदृढ़ और व्यवस्थित किया जाएगा, और इसके लिए सभी हितधारकों से सुझाव प्राप्त कर एक व्यावहारिक योजना तैयार की जाएगी

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि शिमला की ट्रैफिक व्यवस्था में बस ऑपरेटर यूनियन की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि 2011 की अधिसूचना के अनुसार 40 किमी से अधिक दूरी की बसों का संचालन आईएसबीटी टूटीकंडी से होना चाहिए, जिस पर यूनियन ने अपने सुझाव और आपत्तियाँ प्रस्तुत की हैं।

उपायुक्त ने डीएसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए हैं कि ऊपरी शिमला, शोघी और निचले हिमाचल से आने वाले वाहनों पर सीसीटीवी आधारित रिपोर्ट तैयार की जाए। फिलहाल 106 निजी बसें और 182 एचआरटीसी बसें प्रतिदिन शहर में प्रवेश करती हैं, जिससे शहर की सर्कुलर रोड पर अत्यधिक दबाव है।

इसके अतिरिक्त, कॉमर्शियल वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग टाइमिंग पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है, ताकि ट्रैफिक की गति बाधित न हो।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, एडीएम कानून व्यवस्था पंकज शर्मा, डीएसपी संदीप शर्मा सहित यूनियन के अध्यक्ष रोशन लाल, महासचिव सुनील चौहान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस बीच, प्रशासन ने आमजन से 10 मई 2025 तक यातायात संबंधी सुझाव आमंत्रित किए हैं, जो कि उपायुक्त कार्यालय में लिखित रूप से या ईमेल admlo-sml-hp@nic.in पर भेजे जा सकते हैं।

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति इन सुझावों की समीक्षा करेगी। लोगों से विशेष तौर पर स्पीड, रेड लाइट्स, वन वे व्यवस्था, ट्रैफिक जाम, स्कूल बसें और भारी वाहनों के आवागमन पर राय मांगी गई है।

शहर की स्थिति पर बात करें तो वर्तमान में शिमला, ग्रामीण और आरटीओ क्षेत्र के अंतर्गत 1,21,437 वाहन पंजीकृत हैं, जबकि राज्यभर से 50,000 वाहन अतिरिक्त रूप से शहर में आते हैं। रोजाना औसतन 5 से 6 हजार वाहन शहर में दाखिल होते हैं।

शहर के बालूगंज, एमएलए क्रॉसिंग, विक्ट्री टनल, नियर लिफ्ट, खलीनी चौक, संजौली, ढली, तारा हॉल, कसुम्पटी जैसे क्षेत्रों में रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी पक्षों को साथ लेकर यातायात प्रबंधन को सरल और सुरक्षित बनाया जाए