- शिमला में सीटिजन फॉर नेशनल सिक्योरिटी और भाजपा के सहयोग से तिरंगा यात्रा का आयोजन
- यात्रा में “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “इंडियन आर्मी जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंजा वातावरण
- हिमाचल के 33 मंडलों और 4 जिला मुख्यालयों में 14 से 23 मई तक तिरंगा यात्रा का कार्यक्रम
Tiranga Yatra 2025: शिमला में मंगलवार को सीटिजन फॉर नेशनल सिक्योरिटी फोरम द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा ने पूरे शहर को देशभक्ति की भावना से भर दिया। इस आयोजन में भारतीय जनता पार्टी शिमला ने सहयोग किया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक संगठन, व्यापार मंडल, महिला मंडल, युवक मंडल, छात्र संगठन और विभिन्न धार्मिक संस्थान शामिल हुए। यात्रा की शुरुआत शिमला के सीटीओ चौक से हुई और इस दौरान “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “इंडियन आर्मी जिंदाबाद” के गगनभेदी नारे लगे।
यात्रा का नेतृत्व भाजपा प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत की सेना को सम्मान देने और नागरिकों में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से पाकिस्तान को कई बार झुका दिया और इस यात्रा के माध्यम से उन वीरों को सैल्यूट किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह तिरंगा यात्रा शिमला तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 14 से 23 मई तक प्रदेशभर के 33 मंडलों और चार प्रमुख जिला मुख्यालयों – धर्मशाला, मंडी, हमीरपुर और शिमला – में बड़े स्तर पर आयोजित की जाएगी।

यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 15 मई को धर्मशाला, 16 मई को मंडी और 17 मई को हमीरपुर में यात्रा निकलेगी। इसके बाद 18 मई को अर्की, पांवटा साहिब, ऊना, डलहौजी और मनाली; 19 मई को सोलन, कुल्लू, कुटलेहड़, जसवां परागपुर, पच्छाद और चंबा; 20 मई को दून, नाहन, देहरा, बिलासपुर और बंजार में यात्रा आयोजित की जाएगी। 21 मई को नालागढ़, हरोली, घुमारवी, ज्वालामुखी, चुराह और किन्नौर में कार्यक्रम होंगे। 22 मई को कसौली, चिंतपूर्णी, नयनादेवी, आनी और भटियात में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और अंतिम दिन 23 मई को शिलाई, रेणुकाजी, गगरेट, झंडूता, भरमौर और लाहौल-स्पीति में मंडल स्तर पर यात्रा संपन्न की जाएगी।

बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह सीटिजन फॉर नेशनल सिक्योरिटी फोरम द्वारा संचालित है, जिसमें भाजपा सहायक भूमिका में है। इस आयोजन में सामाजिक एकता, राष्ट्रीय गौरव और सेना के प्रति सम्मान की भावना को जागृत करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।




