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बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करें: रोहित ठाकुर

  • शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा बोर्ड अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

  • परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण पर जोर

  • देश के अन्य बोर्ड मॉडल्स का अध्ययन कर सुधार की बात


धर्मशाला, 16 मई। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक की और शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस बैठक में बोर्ड अध्यक्ष एवं उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल, और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से उनके कार्यों का ब्योरा लेते हुए बोर्ड परीक्षाओं और पाठ्यक्रम निर्माण से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का समग्र विकास ही पाठ्यक्रम तैयार करते समय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

रोहित ठाकुर ने कहा कि बच्चे पूरे वर्ष मेहनत करते हैं, इसलिए बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े सभी कार्य जैसे पेपर सेटिंग, मूल्यांकन और परिणाम में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता होनी चाहिए। उन्होंने इन प्रक्रियाओं में रोटेशन प्रणाली अपनाने तथा जहां आवश्यक हो, सुधार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने शिक्षा बोर्ड को यह भी सुझाव दिया कि वह अन्य राज्यों के स्कूल बोर्ड मॉडल्स का अध्ययन करे और उनके श्रेष्ठ पहलुओं को अपनाए। बच्चों के समग्र विकास हेतु योग, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां, भाषायी कौशल और हिमाचल संबंधी ज्ञान को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात उन्होंने दोहराई।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में अधिकतम तकनीकी उपयोग कर कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सब्जेक्टिविटी की जगह ऑब्जेक्टिविटी पर अधिक जोर देने की बात भी कही।

बैठक के उपरांत शिक्षा मंत्री ने दसवीं कक्षा के टॉपर्स से वर्चुअल संवाद भी किया और उनके अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए प्रेरणा दी कि वे इसी तरह मेहनत कर अभिभावकों और शिक्षकों का नाम रोशन करें।

इससे पहले उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पूरी तरह डिजिटाइज़्ड हो चुका है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रिज़ल्ट और दस्तावेज़ों की ऑनलाइन सुविधाएं दी जा रही हैं और भविष्य में आईटी तकनीक का और अधिक प्रयोग किया जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली और सुविधाएं बेहतर हो सकें।