-
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल विश्वविद्यालय के “अभ्युदय 2025” कार्यक्रम में की शिरकत
-
यूआईएलएस कैंपस भवन के जीर्णोद्धार के लिए जल्द होगी अधिकारियों की टीम विजिट
-
दो दिवसीय उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विधि न्यूजलेटर विमोचन और छात्रों का सम्मान समारोह
शिमला, 16 मई। हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सभागार में विधि अध्ययन संस्थान (यूआईएलएस) एवालॉज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक-साहित्यिक उत्सव “अभ्युदय 2025” के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यूआईएलएस एक ऐसा शिक्षण संस्थान है जहां से देश को भावी अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक सेवक और राजनेता प्राप्त होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल विधानसभा में आज भी लगभग 12 से 14 विधायक हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। यहां से निकले छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, जो विश्वविद्यालय की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वविद्यालय और इसके शिक्षकों की विशेष पहचान की भी सराहना की और छात्रों से गुरुजनों के सम्मान के साथ मेहनत और समर्पण से देश की सेवा करने का आग्रह किया।
उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी स्वर्गीय पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री ने लगभग 28 वर्षों तक इस विश्वविद्यालय में सेवा दी, और अब उनकी पुत्री डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी इसी संस्थान से जुड़ी हुई हैं।

कार्यक्रम में उन्होंने यूआईएलएस कैंपस भवन की वर्तमान जर्जर स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि इसके जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों की टीम जल्दी दौरा करेगी। इस कार्य के लिए पांच करोड़ रुपए की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसकी नींव हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी थी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उप मुख्यमंत्री ने “विधि वॉल्यूम 2” न्यूजलेटर का विमोचन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा, निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा, संयोजक डॉ. रितिका राणा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



