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कंडवाल टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों और ठेकेदार के बीच टोल वसूली को लेकर बढ़ा विवाद
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स्थानीय प्रतिनिधियों ने डिप्टी एक्साइज कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
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ठेकेदार बोले- बीस क्विंटल से ऊपर वाले सभी वाहनों पर लागू होगा टोल, चाहे वह हिमाचल की हो या अन्य राज्य की
Kandwal Toll Dispute: हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमावर्ती क्षेत्र कंडवाल बैरियर पर एंट्री शुल्क को लेकर स्थानीय निवासियों, व्यवसायियों और टोल प्लाजा ठेकेदार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। लंबे समय से चल रही असहमति के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। समस्या तब और अधिक गंभीर हो गई जब हिमाचल से पांच किलोमीटर आगे जाकर फिर लौटने वाली हिमाचल नंबर की गाड़ियों से टोल वसूली शुरू कर दी गई। इसी को लेकर कंडवाल पंचायत प्रधान और स्थानीय निवासियों ने मंगलवार को जसूर स्थित डिप्टी एक्साइज कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की और एक ज्ञापन सौंपा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नया टोल ठेकेदार जबरन हिमाचल टू हिमाचल चलने वाली गाड़ियों से टोल वसूल रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। पंचायत प्रधान और टिपर मालिकों का कहना है कि पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं थी। सभी ट्रैक्टर और टिपर जो हिमाचल के भीतर ही चलते हैं, उन्हें बिना किसी शुल्क के आने-जाने दिया जाता था। लेकिन अब स्थिति उलट हो गई है। स्थानीय प्रतिनिधि राजेश पठानिया ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं करता है, तो जनता में आक्रोश बढ़ेगा और हालात बेकाबू हो सकते हैं।
ठेकेदार कृष्ण गर्ग का कहना है कि वे हिमाचल सरकार के टोल पॉलिसी एक्ट के तहत काम कर रहे हैं और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। उनका दावा है कि उन्होंने यह टेंडर 16 करोड़ रुपये से अधिक में लिया है और सरकार द्वारा तय 15 से 16 स्थानों से राजस्व एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने साफ किया कि बीस क्विंटल से अधिक वजन वाले वाहनों से ही टोल वसूला जा रहा है, चाहे वह पंजाब की गाड़ी हो या हिमाचल की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि खेती संबंधित मशीनरी लाने वाले ट्रैक्टरों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
कंडवाल पंचायत प्रधान नरेंद्र और अन्य टिपर मालिकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार झूठे मुकदमे दर्ज करवाने की धमकियां दे रहा है, जो कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। उन्होंने मांग की कि या तो इस टोल प्लाजा को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए या वर्तमान व्यवस्था में तुरंत बदलाव लाया जाए।
डिप्टी एक्साइज कमिश्नर प्रीतपाल सिंह ने बताया कि उन्हें ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे वे उच्च अधिकारियों को भेजेंगे और वहां से जो निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।



