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हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड 12वीं अंग्रेजी विषय का परीक्षा परिणाम करेगा संशोधित
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उत्तर कुंजी स्कैनिंग में तकनीकी गलती के चलते आया था कम अंकों का परिणाम
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अधिकतर छात्रों के अंक बढ़ेंगे, पुराने अंक कम नहीं किए जाएंगे
HPBOSE result revision: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) द्वारा 12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय के वार्षिक परीक्षा परिणाम को दो दिन बाद संशोधित रूप में फिर से जारी किया जाएगा। यह निर्णय शिक्षक संगठनों, निजी स्कूल संघों और अभिभावकों की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनका कहना था कि अंग्रेजी विषय में छात्रों को असामान्य रूप से कम अंक मिले हैं।
बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि जांच में पता चला है कि 8 मार्च को रद्द किए गए अंग्रेजी विषय के पेपर की उत्तर कुंजी गलती से स्कैन हो गई थी, जबकि परिणाम तैयार करते समय दोबारा लिए गए पेपर की उत्तर कुंजी को शामिल करना था। इसी तकनीकी गलती के चलते छात्रों को अपेक्षा से कम अंक प्राप्त हुए।
बोर्ड सचिव ने कहा कि बोर्ड को इस त्रुटि के लिए खेद है और अधिकांश छात्रों के अंक संशोधित परिणाम में बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से घोषित परिणाम में छात्रों के अंकों को घटाया नहीं जाएगा, जिससे पास प्रतिशतता में भी वृद्धि होगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह उल्लेखनीय है कि 7 मार्च को प्रस्तावित 8 मार्च की अंग्रेजी विषय की परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, क्योंकि चंबा जिले के चुवाड़ी क्षेत्र में 10वीं कक्षा के स्थान पर 12वीं के अंग्रेजी प्रश्नपत्रों का बंडल खोल दिया गया था। इसके चलते बोर्ड ने परीक्षा रद्द की और बाद में अंग्रेजी विषय की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन परिणाम तैयार करते समय गलती से पुरानी परीक्षा की उत्तर कुंजी को स्कैन किया गया।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने भी इस विषय में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बोर्ड में टॉप करने वाले छात्र को भी अंग्रेजी में केवल 90 अंक मिलना संदेहास्पद है, जबकि बाकी विषयों में उसके शत-प्रतिशत अंक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और बोर्ड सचिव से पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी, ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके।
इस घटना ने न केवल छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं। बोर्ड द्वारा जल्द संशोधित परिणाम जारी किए जाने से छात्रों को राहत मिलने की संभावना है।



