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कारगिल में शहीद हुए हिमाचल के अग्निवीर नवीन कुमार का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ
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मां के आंसुओं और गांव के सन्नाटे के बीच चचेरे भाई के बेटे ने दी मुखाग्नि
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हजारों की भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ दी अंतिम विदाई
Agniveer Naveen Kumar: कांगड़ा जिले के थुरल गांव में मंगलवार का दिन एक वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के नाम रहा। कारगिल में ड्यूटी के दौरान लैंडस्लाइड में शहीद हुए अग्निवीर नवीन कुमार की पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, सैकड़ों आंखें नम हो गईं। ‘भारत माता की जय’ और ‘नवीन अमर रहे’ के नारों के बीच गांव की गलियों से होते हुए अंतिम यात्रा श्मशानघाट तक पहुंची।
सेना के जवानों ने तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह को कांधा दिया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय गांव की हर छत, हर गली और हर मोड़ पर लोग हाथ जोड़े खड़े थे। नवीन की मां अयोध्या देवी की चीखें हर किसी का कलेजा चीर रही थीं, जब वह पार्थिव शरीर से लिपटकर बोलीं—”बेटा, तूने वादा किया था छुट्टी पर आने का।”
मुखाग्नि उनके चचेरे भाई के बेटे राहुल ने दी, और इस दृश्य ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। नवीन की बहन शिवानी बार-बार बेसुध हो रही थीं, जिन्हें संभालने के लिए महिला रिश्तेदारों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोग, स्कूल के बच्चे, बुजुर्ग, व्यापारियों और पंचायत प्रतिनिधियों समेत हजारों लोगों ने नवीन को अंतिम प्रणाम किया। इस मौके पर थुरल का सारा बाजार स्वेच्छा से बंद रहा। हर कोई यही कहता नजर आया, “यह सिर्फ नवीन का नहीं, पूरे गांव का बेटा था।”
सेना की मौजूदगी और शहीद के सम्मान में की गई रस्मों ने माहौल को गर्व और ग़म से भर दिया। वह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, जहां धरती मां ने अपने लाल को सीने से लगाकर विदा किया। अंतिम संस्कार के बाद सेना के जवानों ने तीन राउंड फायर कर सलामी दी और शहीद नवीन पंचतत्व में विलीन हो गए।



