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पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि पर पर्यटन गांव बनाने की योजना पर हाईकोर्ट की रोक को हटाने की मांग
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प्रदेश सरकार ने रोक हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
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हपौटा और कुलपति को जारी हुए नोटिस, विवि प्रशासन कर रहा चुप्पी
Palampur Agriculture University: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित पर्यटन गांव (Tourism Village) निर्माण के लिए हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, ताकि हाईकोर्ट द्वारा सितंबर 2024 में लगाई गई रोक को हटवाया जा सके।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश कृषि विवि शिक्षक संघ (हपौटा) और कुलपति को नोटिस जारी किया है, हालांकि नोटिस में सुनवाई की तिथि स्पष्ट नहीं की गई है। विवि प्रशासन इस नोटिस को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बच रहा है।
ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार ने जब विश्वविद्यालय की भूमि को पर्यटन गांव परियोजना के लिए अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू की थी, तब इसका विरोध सबसे पहले कृषि विवि के शिक्षक संघ ने किया था। इसी के आधार पर हाईकोर्ट ने इस भूमि हस्तांतरण पर रोक लगा दी थी।
इस फैसले के विरोध में विवि के छात्रों, गैर शिक्षक संघ, पेंशनर्स और शिक्षकों सहित भाजपा ने भी सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस पूरे विवाद का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा और विवि का शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हुआ।
अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, हपौटा महासचिव डॉ. जनार्दन सिंह ने कहा कि वे सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में शिक्षक संघ का पक्ष मजबूती से रखेंगे।



