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हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग की अधिसूचना को बरकरार रखा, याचिका को खारिज किया
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कोर्ट ने कहा – नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों पर निर्णय सरकार का क्षेत्राधिकार है
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3 अक्तूबर 2023 की अधिसूचना में कई ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों को राज्य कैडर घोषित किया गया था
Himachal High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राजस्व विभाग के जिला कैडर पदों को राज्य कैडर घोषित करने संबंधी अधिसूचना को वैध करार दिया है। न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने इस मामले में दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नियुक्तियों, पदोन्नतियों और सेवा शर्तों से जुड़े फैसलों में न्यायालय को सरकार के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
यह फैसला 3 अक्तूबर 2023 को जारी उस अधिसूचना पर आधारित है जिसमें राजस्व विभाग के विभिन्न ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के पदों को जिला कैडर से हटाकर राज्य कैडर में शामिल किया गया था। इनमें अधीक्षक ग्रेड-II, वरिष्ठ सहायक, स्टेनो-टाइपिस्ट, जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर, पर्सनल असिस्टेंट, क्लर्क और जेओए (आईटी) के पद शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं ने इस अधिसूचना को असंवैधानिक, अवैध और मनमाना बताते हुए अदालत से इसे रद्द करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि इससे स्थानीय उम्मीदवारों के अवसरों में कटौती होगी और सेवा शर्तों में बदलाव से असमानता पैदा होगी। हालांकि अदालत ने सरकार की अधिसूचना को वैध मानते हुए कहा कि सेवा नियमों में बदलाव, पद सृजन, वेतनमान तय करना और पदोन्नति के अवसर देना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और इस पर न्यायालय को न्यायिक संयम बरतना चाहिए।
इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ा राहत मिला है और अब राजस्व विभाग के सभी संबंधित पद राज्य स्तर पर भर्ती और स्थानांतरण के लिए खुले रहेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।



