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केंद्र सरकार दे रही हिमाचल को 90:10 अनुपात में आर्थिक सहायता, सुक्खू सरकार नहीं दे रही हिस्सा
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दिशा समिति की बैठक में सांसद सुरेश कश्यप ने लगाए आरोप, कांग्रेस सरकार पर विकास रोकने का आरोप
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विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और बरसात से पहले टारिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश
शिमला, पराक्रम चंद। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को विकास के लिए भरपूर आर्थिक मदद उपलब्ध करवा रही है, लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार अपने हिस्से का 10 प्रतिशत अंशदान भी नहीं दे रही है। इस कारण प्रदेश में केंद्र प्रायोजित योजनाएं अधूरी या ठप्प पड़ी हुई हैं। यह आरोप शिमला लोकसभा क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक के बाद लगाए।
सांसद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है और यहां विकास योजनाओं के लिए 90:10 के अनुपात में केंद्र और राज्य की साझेदारी होती है। लेकिन राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी देने में आलस और उदासीनता बरत रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल केंद्र पर आरोप लगाने में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर केंद्र की योजनाएं अटक रही हैं।
दिशा बैठक में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी सड़कों की टारिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाए और कोविड व मॉनसून से जुड़ी बीमारियों के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि राज्य में इस समय केंद्र सरकार की मदद के बिना कोई बड़ा कार्य नहीं हो पा रहा, इसके बावजूद सुक्खू सरकार केंद्र की आलोचना कर रही है, जो कि राजनीतिक दुर्भावना का उदाहरण है।



