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मंडी जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘डीसी फॉर ए डे’ में सरकाघाट की होनहार छात्रा अन्वी बनी एक दिन की उपायुक्त
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प्रदेश में 10वीं में चौथा और जिले में पहला स्थान पाने पर अन्वी सिंह को मिला सम्मान
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उपायुक्त की कुर्सी पर बैठकर अन्वी ने सुनीं जन शिकायतें, की फील्ड विजिट और सीखा प्रशासनिक कार्य संचालन
मंडी, विपलव सकलानी। शिक्षा के क्षेत्र में मेधावी छात्रों को प्रेरित करने के उद्देश्य से मंडी जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘डीसी फॉर ए डे’ योजना के तहत डून गांव, सरकाघाट की होनहार छात्रा अन्वी सिंह को एक दिन के लिए उपायुक्त बनने का अवसर मिला। यह पहल न केवल अन्वी के लिए एक गौरवशाली क्षण था, बल्कि पूरे मंडी जिले के छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई।
अन्वी सिंह, आलोक भारती विद्यालय कोटली की छात्रा हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में जिले में टॉप किया और प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की। शुक्रवार सुबह 9 बजे जब अन्वी उपायुक्त अपूर्व देवगन की उपस्थिति में कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें औपचारिक रूप से डीसी की कुर्सी पर बैठाया गया। उनके साथ उनके पिता विक्रम सिंह ठाकुर और दादा भी मौजूद थे।
डीसी पद की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अन्वी को सबसे पहले भूकंप आपदा पूर्वाभ्यास की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने VC रूम में अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया, कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया, फील्ड विजिट की और जन शिकायतें सुनते हुए मौके पर विभागों को कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इस अनुभव ने उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ दी।
अन्वी ने इसे अपने जीवन का यादगार दिन बताया और कहा कि इस अनुभव ने उन्हें वास्तविक प्रशासनिक कार्यों की व्यावहारिक समझ दी। उन्होंने इस अवसर के लिए उपायुक्त अपूर्व देवगन का आभार प्रकट किया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में छिपी नेतृत्व क्षमता को निखारना है। ‘अपना विद्यालय’ और ‘अपना पुस्तकालय’ अभियानों के साथ अब ‘डीसी फॉर ए डे’ अभियान भी छात्रों को सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व की ओर प्रेरित करेगा। उन्होंने अन्वी की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि हर बच्चे में कुछ विशेष करने की क्षमता होती है, बस उन्हें सही दिशा और प्रेरणा की आवश्यकता होती है।



