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धरोहर ग्राम प्रागपुर में घायल अवस्था में मिली एक गौ माता, लहूलुहान हालत में तड़पती रही।
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पालतू होने के बावजूद मालिक ने लावारिस छोड़ दिया, गाय की सेवा को पूजनीय मानने वाले समाज में विडंबना।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
जसवां परागपुर, गौरव सेठी: धरोहर ग्राम प्रागपुर, जो कि अपनी संस्कृति और विरासत के लिए जाना जाता है, वहां से आज एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां एक घायल गौ माता, जो पहले किसी घर की पालतू थी, अब दर-ब-दर भटकने को मजबूर है। यह गाय बुरी तरह जख्मी हालत में मिली, और उसकी खून की बूंदें धरती पर गिरती रहीं, लेकिन किसी ने उसे सहारा देने की जहमत नहीं उठाई।
जिस देश और धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है, और जहां यह माना जाता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, वहां ऐसी लापरवाही और अमानवीयता एक गंभीर विडंबना बनकर उभरी है। गाय को दिव्य शक्ति और जीवनदायिनी माना जाता है, जो अपने दूध से नवजात से लेकर वृद्ध तक सभी को पोषण देती है। इसके बावजूद, जब ऐसी गौ माता घायल अवस्था में छोड़ दी जाती है, तो यह सामाजिक और नैतिक पतन का परिचायक बनता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गाय की हालत गंभीर थी, और उसे देखकर प्रतीत होता है कि जानबूझकर लावारिस छोड़ा गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे निर्दयी मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह उदाहरण बने और भविष्य में कोई गौ माता इस तरह की उपेक्षा का शिकार न हो।



