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नरेश चौहान ने मोदी सरकार के “11 साल बेमिसाल” दावे पर उठाए सवाल।
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केंद्र सरकार पर हिमाचल की अनदेखी का आरोप, सेब और रोजगार मुद्दे उठाए।
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भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के बयान पर भी तीखा पलटवार।
पराक्रम चंद, शिमला
भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे “11 साल बेमिसाल” कार्यक्रम को लेकर अब हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भी गर्मी आ गई है। इस दावे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूछा है कि “इन 11 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने हिमाचल को आखिर क्या दिया?“
शिमला में प्रेस को संबोधित करते हुए नरेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल को अपना दूसरा घर बताया था, लेकिन प्रदेश की कोई बड़ी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने 2 करोड़ रोजगार, काला धन वापसी, सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने, और पेय पदार्थों में 5 प्रतिशत फल जूस मिलाने जैसे वादों को जुमला करार दिया। चौहान ने आरोप लगाया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य, जो केंद्र पर आश्रित होता है, को भाजपा सरकार ने लगातार नजरअंदाज किया।
केंद्र सरकार की योजनाएं और बजटीय सहयोग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद और नेता भी प्रदेश के लिए कोई विशेष मदद नहीं दिला पाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता तो मोदी जी के साथ फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गए हैं।
इसके साथ ही, भाजपा विधायक सुधीर शर्मा द्वारा प्रदेश सरकार को “एरर की सरकार” बताए जाने पर भी नरेश चौहान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “सुधीर शर्मा वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने खुद प्रदेश के लिए क्या किया है।” चौहान ने यह भी जोड़ा कि भाजपा नेताओं की दिल्ली दरबार हाजिरी के बावजूद कोई वास्तविक सहयोग हिमाचल को नहीं मिला।
चौहान ने दावा किया कि सुक्खू सरकार उन नीतिगत कमज़ोरियों को दुरुस्त कर रही है जो पिछली सरकारों के समय से चली आ रही थीं, और जनहित में बुनियादी ढांचे और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।



