▪︎ गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की माँग तेज़
▪︎ हिमाचल में जाखू में गौ ध्वज स्थापित कर पूजा की गई
▪︎ गौ मतदाता अभियान के तहत संरक्षण करने वालों को समर्थन की अपील
पराक्रम चंद, शिमला
गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने देशव्यापी ‘गौ ध्वज अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत देश के सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में गौ ध्वज स्थापित कर केंद्र सरकार से यह माँग की जा रही है कि गाय को ‘पशु’ की श्रेणी से हटाकर ‘माता’ का दर्जा दिया जाए।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के जाखू मंदिर परिसर में भी इस अभियान के तहत गौ ध्वज स्थापित किया गया, जिसकी पूजा और परिक्रमा आज विधिवत रूप से संपन्न हुई। इस मौके पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि “गाय को हिन्दू धर्म में आराध्य और पूज्यनीय माना गया है, किंतु आज भी देश के कई राज्यों में इसके वध पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यह हिन्दू जनभावनाओं का अपमान है।”
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करती है और कानून बनाकर गौ हत्या को पूर्णत: प्रतिबंधित करती है, तो इससे देश में धार्मिक आस्था और संवैधानिक मूल्यों दोनों की रक्षा होगी। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी आग्रह किया कि राज्य स्तर पर गाय को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देकर एक उदाहरण प्रस्तुत करें।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि गौ मतदाता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें जनता से अपील की जा रही है कि जो भी जनप्रतिनिधि या सरकार गौ संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, उसी को समर्थन और वोट दिया जाए। यह अभियान न केवल गौ संरक्षण को राजनीतिक विमर्श में लाने का प्रयास है, बल्कि जनता को भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जागरूक करने का माध्यम है।
यह मांग केवल धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक और संवैधानिक गरिमा से भी जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य गौ माता को उचित सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना है।



