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शीतला माता मेलाआस्था और संस्कृति का पर्व : राकेश जमवाल

▪︎ शीतला माता मेला लोक संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रतीक – राकेश जमवाल।
▪︎ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजनाएं बनाई जाएंगी।
▪︎ लोक कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना, भविष्य में सहयोग का आश्वासन।

पराक्रम चंद, विपलव सकलानी


शिमला/मंडी :सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के भौण कलौहड़ में आयोजित जिला स्तरीय शीतला माता मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक एवं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मेला आयोजन की सफलता पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने शीतला माता के चरणों में शीश नवाकर सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष जितेंदर शर्मा, मंडल अध्यक्ष, मेला कमेटी के अध्यक्ष एल आर चौधरी भी मौजूद रहे।

राकेश जमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शीतला माता मेला हिमाचल की लोक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता, आपसी सौहार्द और स्थानीय प्रतिभाओं के प्रदर्शन का मंच भी है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगामी वर्षों में मेले के आयोजन को और अधिक भव्य और सुव्यवस्थित करने हेतु हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि शीतला माता मंदिर स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए ठोस योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

राकेश जमवाल ने लोक कलाकारों, सांस्कृतिक दलों, पहलवानों और स्थानीय बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और कहा कि इस तरह की प्रस्तुतियां हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखती हैं।

उन्होंने स्थानीय प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, आयोजन समिति और सभी श्रद्धालुओं का शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण आयोजन के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में इस पावन स्थल को एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।