● एचपीयू ने बीए अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित किया, रमणीक अटल टॉपर बनीं
● इस बार परीक्षा परिणाम 96.5 फीसदी रहा, बेटियों का दबदबा रहा मेरिट में
● मात्र एक माह में तीनों मुख्य परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर विवि ने रिकॉर्ड बनाया
पराक्रम चंद, शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने अप्रैल 2025 में संपन्न हुई स्नातक बीए अंतिम वर्ष और बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार भी बेटियों का मेरिट लिस्ट पर दबदबा कायम रहा है। बीए में डिग्री कॉलेज सोलन की छात्रा रमणीक अटल ने 8.99 सीजीपीए के साथ पूरे विश्वविद्यालय में टॉप किया है। वहीं, बीएससी में बिलासपुर डिग्री कॉलेज की छात्रा मानसी शर्मा ने 9.65 सीजीपीए के साथ प्रदेश टॉपर बनकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
BA दूसरे स्थान पर स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज घुमारवीं के छात्र धीरज मुकान रहे, जिन्होंने 8.94 सीजीपीए प्राप्त किया, जबकि जीबी पंत मेमोरियल पीजी कॉलेज रामपुर की दीक्षा डोगरा ने 8.92 सीजीपीए के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
बीए तृतीय वर्ष का कुल परीक्षा परिणाम 96.5% रहा। 10,869 परीक्षार्थियों में से 9,353 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि विद्यार्थी विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी लॉगिन आईडी से परिणाम देख सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा जारी टॉप टेन मेरिट सूची में 12 विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें से केवल दो छात्र और बाकी सभी छात्राएं हैं, जो प्रदेश में महिला शिक्षा की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है।
अन्य टॉपर्स में महाराणा प्रताप कॉलेज अंब ऊना की प्रिया देवी (8.91) चौथे, घुमारवीं की मीनाक्षी (8.81) पांचवें, नाहन की तपस्या व दौलतपुर चौक ऊना की प्रिया (8.80) छठवें स्थान पर रही। बिलासपुर की साक्षी (8.79), धर्मपुर की महक (8.77), दौलतपुर चौक ऊना और सेंट बीड्स शिमला की रिया शर्मा (8.74), तथा हमीरपुर के रणजीत सिंह (8.73) ने मेरिट में स्थान पाया।
एचपीयू ने सिर्फ एक माह में बीए, बीएससी और बीकॉम अंतिम वर्ष के परिणाम घोषित कर छात्रों को राहत दी है। पिछले वर्ष यह परिणाम 14 जुलाई को घोषित किए गए थे, लेकिन इस बार विश्वविद्यालय ने 10 जून से 13 जून के बीच चार कक्षाओं के परिणाम घोषित कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसमें 16,731 विद्यार्थियों को सीधा लाभ हुआ है, जो अब पीजी प्रवेश काउंसलिंग में परिणाम के साथ भाग ले सकेंगे।
परीक्षा परिणामों के त्वरित प्रकाशन का श्रेय ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया को जाता है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. कौशल ने बताया कि कॉलेज शिक्षकों और विवि कर्मचारियों ने अवकाश के दौरान भी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। इस प्रयास ने हजारों विद्यार्थियों का समय बचाया और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में गोपनीय परिणाम दिखाने की बाध्यता से मुक्ति दिलाई।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने अप्रैल 2025 में आयोजित बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। कुल 2,890 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,143 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। इस तरह परीक्षा परिणाम 86.99 प्रतिशत रहा। इस बार का परिणाम न केवल उच्च रहा, बल्कि राज्यभर की प्रतिभाशाली छात्राओं और छात्रों ने टॉप 10 मेरिट सूची में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
बिलासपुर डिग्री कॉलेज की छात्रा मानसी शर्मा ने 9.65 सीजीपीए के साथ प्रदेश टॉपर बनकर पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं इसी कॉलेज की हरप्रीत कौर ने 9.37 सीजीपीए के साथ दूसरा और स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज, घुमारवीं के सौरव शर्मा ने 9.27 सीजीपीए के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
टॉप 10 मेरिट सूची में अन्य नाम इस प्रकार हैं:
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चौथा स्थान: मुस्कान (अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज सुन्नी) और खुशवीर कौर (ऊना डिग्री कॉलेज) – दोनों ने 9.25 सीजीपीए।
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पाँचवां स्थान: संजना देवी (महाराणा प्रताप कॉलेज अंब, ऊना) – 9.18 सीजीपीए।
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छठा स्थान: प्रांशुल (सिद्धार्थ डिग्री कॉलेज नादौन) – 9.17 सीजीपीए।
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सातवां स्थान: मोनिका (सिद्धार्थ डिग्री कॉलेज नादौन) – 9.16 सीजीपीए।
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आठवां स्थान: साहिल ठाकुर (एनएससीबीएम कॉलेज हमीरपुर) – 9.11 सीजीपीए।
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नौवां स्थान: सौरव धीमान (गौतम कॉलेज हमीरपुर) – 9.08 सीजीपीए।
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दसवां स्थान: कविता (डिग्री कॉलेज नालागढ़, सोलन) – 9.05 सीजीपीए।
टॉपर्स ने बताया सफलता का राज
मानसी शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। वह रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनके पिता नरेश कुमार एम्स बिलासपुर में सैनिटाइजेशन अटेंडेंट हैं और मां बंदना गृहिणी हैं।
हरप्रीत कौर, जिन्होंने दूसरा स्थान पाया, गणित की प्रोफेसर बनना चाहती हैं। उन्होंने रोजाना 4–5 घंटे पढ़ाई कर इस मुकाम को हासिल किया। उनके पिता गुरमीत सिंह निजी कंपनी में कार्यरत हैं और माता सुनीता देवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं।
तीसरे स्थान पर रहे सौरव शर्मा का सपना भी प्रोफेसर बनना है। वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे पढ़ते थे। उनके पिता सतीश कुमार एक शारीरिक शिक्षक हैं और माता सुनीता देवी गृहिणी हैं।
शास्त्री तृतीय वर्ष का भी परिणाम घोषित
एचपीयू ने शास्त्री तृतीय वर्ष का भी परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में 434 छात्र बैठे थे, जिनमें से 365 पास हुए, और कुल परिणाम 91.94 प्रतिशत रहा। परिणाम विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं।



