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हिमाचल प्रशासन में बड़ा फेरबदल: ओंकार शर्मा को केवल ट्राइबल डवलेप्‍मेंट की जिम्‍मेवारी,पत्नी ने पोस्ट में जताया दर्द – “जितना दिल साफ रखा, उतने गुनाहगार हो गए”

 ➤ विवादों में घिरे ओंकार शर्मा को केवल ट्राइबल डेवलपमेंट विभाग की जिम्मेदारी दी गई
➤ कमलेश कुमार पंत को मिला राजस्व, गृह, वन व विजिलेंस का अतिरिक्त प्रभार
➤ हरिकेश मीणा को युवासेवाएं और खेल विभाग में किया गया तैनात

पराक्रम चंद, शिमला


Himachal IAS Transfer: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया है। विमल नेगी मौत मामले में विवादों में घिरे वरिष्ठ IAS अधिकारी ओंकार चंद शर्मा को राजस्व, गृह व विजिलेंस जैसे प्रभावशाली विभागों से हटा दिया गया था, जिन्‍हें अब केवल जनजातीय विकास विभाग (Tribal Development) की जिम्मेदारी दी गई है।

गौरतलब है कि ओंकार शर्मा विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्ष और जनता के निशाने पर थे। ऐसे में उनके महत्त्वपूर्ण विभागों से हटाए जाने को कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

 वहीं, इस तबादले के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी का एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया, जिसने इस प्रशासनिक फैसले को लेकर चर्चाओं को और गहरा कर दिया है।

📌 सरकारी आदेश के अनुसार:

वहीं, कमलेश कुमार पंत, जो पहले से ही वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, को अब राजस्व, गृह और विजिलेंस विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा, वे वित्तीय आयुक्त (अपील), एचपी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन के रूप में भी कार्यरत रहेंगे। यह स्पष्ट करता है कि सरकार ने कमलेश पंत पर अपना भरोसा कायम रखा है और उन्हें प्रशासनिक संतुलन का जिम्मा सौंपा गया है।

आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा, जो लंबे समय से पोस्टिंग की प्रतीक्षा में थे, उन्हें विशेष सचिव (युवा सेवाएं एवं खेल) के रूप में नियुक्त किया गया है। इससे युवा कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद की जा रही है।

यह आदेश मुख्य सचिव प्रभोध सक्सेना के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इस फेरबदल को जनहित में उठाया गया कदम बताया गया है।

जितना दिल साफ रखा, उतने गुनाहगार हो गए” — ओंकार शर्मा की पत्नी का दर्द छलका

हिमाचल प्रदेश में हुए ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल के बाद वरिष्ठ आईएएस ओंकार चंद शर्मा को सभी बड़े विभागों से हटाकर केवल जनजातीय विकास विभाग तक सीमित कर दिया गया। इसके बाद उनकी पत्नी ने फेसबुक पर एक भावुक पंक्ति साझा की — “न जानें कौन सी शिकायतों का शिकार हो गए, जितना दिल साफ रखा, उतने गुनाहगार हो गए।” कुछ ही शब्दों में उन्होंने एक पीड़ा बयान की है, जिससे शायद ओंकार शर्मा भी गुजर रहे हैं। यह पोस्ट तब आई जब ओंकार शर्मा को सभी बड़े विभागों से हटाकर केवल जनजातीय विकास तक सीमित कर दिया गया।