➤ राष्ट्र निर्माण, सेवा और संस्कार के भाव को लेकर सजी प्रेरणादायक कार्यशाला
➤ संगठन, वित्त, संवाद और शाखा सशक्तिकरण पर हुआ गहन मंथन
➤ विभिन्न विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों ने साझा किए विचार और योजनाएं
सोलन, हिमानी ठाकुर
भारत विकास परिषद हिमाचल प्रदेश प्रांत (पूर्व) की प्रांतीय कार्यशाला आज सोलन के एक निजी होटल में गंभीरता, गरिमा और उत्साह के साथ आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य परिषद की गतिविधियों को जनहितकारी, संगठित और प्रभावशाली रूप में आगे बढ़ाना रहा, जिसमें परिषद के सैकड़ों प्रमुख कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
सुबह 9 बजे पंजीकरण और नाश्ते के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उसके बाद दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चारण और ‘वंदे मातरम्’ के साथ कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन किया गया। प्रांत महासचिव नरेंद्र खट्टर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और परिषद की कार्यशैली पर प्रकाश डाला।
प्रांत अध्यक्ष अशोक टंडन ने “भारत विकास परिषद क्या है?” विषय पर अपना प्रेरक उद्बोधन देते हुए परिषद की विचारधारा, उद्देश्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान की गूढ़ व्याख्या की।
इसके बाद विभिन्न प्रांतीय संयोजकों द्वारा परिषद की गतिविधियों पर प्रस्तुतियाँ दी गईं:
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सत्यम शर्मा – परिषद के कार्य एवं शिष्टाचार
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वीरेंद्र सहगल – आदर्श शाखा निर्माण
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सोमनाथ शर्मा – संगठन एवं संरचना
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डीपीएस छाबड़ा – संपर्क विभाग की भूमिका
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नीरज गोयल – वित्त विभाग की गरिमा
कार्यशाला के मध्य में सभी प्रतिभागियों को तीन समूहों में बाँटकर सामूहिक चर्चा करवाई गई, जहां संगठनात्मक समन्वय, कार्यकर्ता निर्माण, वित्तीय अनुशासन, संवाद और शाखा सशक्तिकरण पर मंथन हुआ।
समापन सत्र में उत्तर क्षेत्र-1 के संगठन सचिव हरिन्द्र गुप्ता ने अपने प्रेरणादायक विचार रखे। डॉ. सत्यव्रत भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
इस गरिमामयी कार्यशाला में देवेन्द्र गुप्ता, कमल किशोर शर्मा, दीप कुमार, डॉ. मुकेश प्रभाकर, भूपेश धीमान, नेहा ठाकुर, डॉ. सुधा गुप्ता, अमर सिंह वोहरा सहित विभिन्न शाखाओं से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विशेष अतिथियों के रूप में एस.एन. कपूर, डॉ. एम.पी. सिंघल व डॉ. राकेश धीमान को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम को गरिमा और ऊर्जा प्रदान की।



