➤ स्मार्ट मीटर योजना का विद्युत पेंशनर्स ने किया विरोध
➤ युक्तिकरण नीति को बताया कर्मचारियों के लिए खतरनाक
➤ सरकार की अनदेखी पर कांगड़ा में महापंचायत की चेतावनी
Barjeshwar Saki, देहरा
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम देहरा यूनिट ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना और बोर्ड में चल रही युक्तिकरण प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। देहरा के सुनहेत स्थित राणा फूड जंक्शन में आयोजित बैठक में फोरम ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जनविरोधी निर्णयों को नहीं रोका तो जल्द ही कांगड़ा में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। बैठक में लगभग 70 पेंशनर्स उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता एन.के. दत्ता ने की, जबकि मंच संचालन मदन लाल शर्मा, जसमेर राणा, जतिंदर ठाकुर और एक्सईएन हरीश शर्मा ने किया।
स्मार्ट मीटर योजना पर गहरे सवाल
फोरम ने आरोप लगाया कि सरकार ₹10,000 कीमत वाले स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बना रही है, जिसकी लागत उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी। उन्होंने पूछा कि जब प्रदेश में 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है, तो इतने महंगे मीटर की क्या आवश्यकता है? योजना के अनुसार, बिजली को प्रीपेड सिस्टम में बदला जाएगा, जिससे उपभोक्ता सिर्फ रिचार्ज के अनुसार बिजली पा सकेंगे। इससे न केवल बिजली महंगी हो जाएगी, बल्कि ठेकेदारों के माध्यम से व्यापारिक मॉडल तैयार होगा।
फोरम ने यह भी बताया कि अभी बोर्ड के पास 30,000 मीटर के आवेदन लंबित हैं, और ₹500 कीमत वाला साधारण मीटर तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ है।
युक्तिकरण नीति पर आक्रोश
फोरम ने तीनों विंग (जेनरेशन, ऑपरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन) के एक-दूसरे में ट्रांसफर को खतरनाक नीति करार दिया। उनका कहना था कि इससे अस्किल्ड कर्मचारी उन विभागों में जा रहे हैं जहां उनका कोई अनुभव नहीं है, जिससे जानमाल का खतरा बढ़ गया है।
शिमला में हाल ही में देहरा के त्रिपल गांव के रहने वाले युवा कर्मचारी हरविंदर की मौत पर दो मिनट का मौन रखा गया। फोरम का कहना है कि यदि उसके साथ कोई अनुभवी कर्मचारी होता तो यह दुर्घटना टल सकती थी।
फील्ड स्टाफ पर भार और नई भर्ती की मांग
बैठक में पे फिक्सेशन एरियर, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और मेडिकल बिलों जैसे लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई। फोरम ने मांग की कि युक्तिकरण के कारण फील्ड स्टाफ पर जो ओवरलोडिंग बढ़ रही है, उसे नई भर्ती करके रोका जाए, ताकि जानलेवा हादसे न हों।
देहरा यूनिट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिंदर ठाकुर और जनरल सेक्रेटरी हरीश शर्मा ने संयुक्त बयान में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते जनहित में निर्णय नहीं लिए, तो पेंशनर्स सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।



