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हिमाचल में प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS अधिकारियों को अतिरिक्त विभाग

➤ कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सौंपे गए अतिरिक्त विभाग
➤ छुट्टी और प्रशिक्षण पर गए अफसरों की जिम्मेदारियों का हुआ बंटवारा
➤ मुख्यमंत्री सचिवालय समेत कई अहम विभागों में अस्थायी बदलाव


Himachal Pradesh Administration: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासन को निर्बाध रूप से संचालित रखने के लिए एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी किया है। राज्यपाल के अनुमोदन के बाद जारी इस आदेश के तहत वरिष्ठ IAS अधिकारियों को अस्थायी रूप से अतिरिक्त विभागों का कार्यभार सौंपा गया है। यह आदेश उन अधिकारियों की अनुपस्थिति में प्रभावी रहेगा जो वर्तमान में अवकाश या प्रशिक्षण कार्यक्रम पर हैं। इनमें आर .डी. नज़ीम (HP:1995), राकेश कंवर (HP:2007), कदम संदीप वसंत (HP:2008), सुदेश कुमार मोख्ता (HP:2010) और संदीप कुमार (HP:2010) शामिल हैं। सरकार ने इन सभी अधिकारियों के विभागों का अतिरिक्त प्रभार अन्य अनुभवी अफसरों को सौंपा है।

प्रमुख बदलावों में, डॉ. अभिषेक जैन (HP:2002) को, जो पहले से PWD, Finance, Planning, Economics & Statistics और 20 पॉइंट प्रोग्राम देख रहे हैं, अब मुख्यमंत्री के सचिव का भी कार्यभार दिया गया है। एम. सुधा देवी (HP:2003), जो स्वास्थ्य और पर्सनल विभाग देख रही हैं, अब उन्हें शिक्षा, MPP & पावर और NCES का अतिरिक्त दायित्व भी मिला है।

इसी तरह सी. पॉलराजू (HP:2004), जो सहकारिता, कृषि, बागवानी व अन्य प्रशासनिक सुधार विभाग संभाल रहे हैं, उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रितेश चौहान (HP:2005), वर्तमान में पशुपालन विभाग में कार्यरत हैं, उन्हें अब परिवहन और उद्योग विभाग भी देखना होगा।

राजेश शर्मा (HP:2008) को SAD, SWD और संसदीय कार्य विभाग, राखिल काहलों (HP:2008) को I&PR, LAC, तकनीकी शिक्षा, JSV और शिमला मंडलायुक्त का कार्यभार सौंपा गया है। डॉ. ऋचा वर्मा (HP:2012) को HPMC, HP Agro Industries और Agro Packaging Corporation की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राकेश कुमार प्रजापति (HP:2012) को हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का एमडी नियुक्त किया गया है।

यह आदेश प्रभोध सक्सेना, मुख्य सचिव, द्वारा दिनांक 14 जून 2025 को जारी किया गया है और इसे सार्वजनिक हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। यह आदेश न केवल प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य संचालन में गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।