➤ देहरा XEN पर घरेलू कार्यों में सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग का आरोप
➤ MTW भर्ती प्रक्रिया पर धवाला ने उठाए गंभीर सवाल
➤ विधायक संजय रत्न पर अप्रत्यक्ष निशाना, सीएम से शिकायत की चेतावनी
देहरा, Brijeshwar Saki
Ramesh Dhawala Dehra Jal Shakti Misuse MTW Recruitment Scam Himachal: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रमेश धवाला ने देहरा में प्रेसवार्ता कर जलशक्ति विभाग देहरा के एक्सईएन (XEN) पर सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक्सईएन के सरकारी आवास पर दो सरकारी कर्मचारी अफसर के निजी घरेलू कार्यों जैसे झाड़ू-पोंछा और मरम्मत जैसे कामों में लगे हैं। धवाला ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर यह सब देखा और इसे जनता के टैक्स और संसाधनों का दुरुपयोग बताया।
धवाला ने कहा कि इन कर्मचारियों को ₹50,000 मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि उनकी ड्यूटी फील्ड में पानी जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाने के लिए निर्धारित है। उन्होंने इस कृत्य को एंटी करप्शन कानून के दायरे में आने वाला बताते हुए कहा कि वह इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से करेंगे और दोषी अफसर से वेतन की वसूली की मांग करेंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि XEN ने उनका फोन तक नहीं उठाया, जो लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के प्रति असम्मान और अहंकारपूर्ण रवैये को दर्शाता है। धवाला ने कहा, “मैं खुद जलशक्ति विभाग का मंत्री रह चुका हूं, लेकिन आज कुछ अधिकारी इतने घमंडी हो गए हैं कि जनप्रतिनिधियों की भी अनदेखी कर रहे हैं।”
इसके साथ ही उन्होंने जलशक्ति विभाग देहरा और ज्वालामुखी में मल्टी टास्क वर्कर (MTW) की भर्ती प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तय मेरिट और नियमों को दरकिनार कर कम प्रतिशत वालों को नौकरी पर रखा गया, जबकि योग्य और जरूरतमंद युवा बेरोजगार रह गए। यह सरकारी नौकरी में सिफारिश की संस्कृति को दर्शाता है।
धवाला ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह जनता की आवाज बनकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अब विभागों में वही कार्य होते हैं जिन पर विधायकों की चिट्ठी होती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने कहा कि “आज आम आदमी को हर छोटे-बड़े कार्य के लिए नेताओं के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह स्थिति बदलनी चाहिए।” धवाला ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों को दंड नहीं मिलता, वह संघर्ष जारी रखेंगे।



