➤ आनी को मिलेगा नगर पंचायत का दर्जा, डे-बोर्डिंग स्कूल की घोषणा
➤ 81.30 करोड़ की 21 विकास योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास
➤ युवाओं के लिए ई-कार्ट पर 50% अनुदान और नेचर पार्क की सौगात
पराक्रम चंद, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आनी विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास की एक नई रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुल्लू जिले के निरमंड उपमंडल के बागा-सराहन में आयोजित जनसभा में क्षेत्रवासियों को अनेक सौगातें दीं। इस दौरान उन्होंने आनी को नगर पंचायत घोषित करने की घोषणा की, साथ ही डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने, सीबीएसई से संबंधित स्कूल खोलने और नेचर पार्क विकसित करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए 81.30 करोड़ रुपये की 21 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें सड़क, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने 13.35 करोड़ की निशानी-पाली परान्तला सड़क, 9.51 करोड़ की कोयल-बशला सड़क, 6.17 करोड़ की बजीर बावड़ी-थाचवा सड़क जैसे महत्त्वपूर्ण संपर्क मार्गों का उद्घाटन किया।
जलोड़ी जोत में 6.28 करोड़ से निर्मित नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, 10 केवी सोलर चार्जिंग सिस्टम, बागा सराहन-बश्लेउ जोत ब्राइडल पाथ, कई पेयजल योजनाएं जैसे – 2.31 करोड़ की निशानी-टोगी योजना, 2.62 करोड़ की कोयल कुहल सिंचाई योजना, 2.03 करोड़ की समोह-जगेड़-ग्वाल पंचायत योजना, और 88.77 लाख की तांदी-कफ्टा योजना क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करेंगी।
आईटीआई दलाश भवन (7.18 करोड़), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खनाग (1.55 करोड़) तथा पांच पंचायतों में सामुदायिक भवन (2 करोड़) का उद्घाटन करके क्षेत्र में स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हरित, आत्मनिर्भर और समृद्ध हिमाचल बनाना है, और इसके लिए सतत विकास की नीति पर कार्य हो रहा है।
इसके अलावा बागा सराहन से बठाड़ सड़क के सर्वे के लिए 1 करोड़, सराहन में झील निर्माण के लिए 1 करोड़, महिला मंडलों को 1-1 लाख, और ई-कार्ट पर 50% अनुदान देने की घोषणाएं युवाओं, महिलाओं और पर्यावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजनाएं जैसे इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, बेटी है अनमोल योजना के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित कर यह संदेश दिया कि सरकार सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।



