➤ HRTC पेंशनरों की समस्याओं को लेकर संगठन ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
➤ तीन साल से सरकार को ज्ञापन देने के बावजूद नहीं हुआ कोई समाधान
➤ मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आश्वासन निकले खोखले
विपलव सकलानी, मंडी
हिमाचल प्रदेश के पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के अध्यक्ष अनूप कपूर ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु सरकार और प्रबंधन को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
संगठन का आरोप है कि HRTC के पेंशनरों के साथ भेदभाव और सौतेला व्यवहार हो रहा है। माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के समक्ष कई बार अपनी समस्याएं रखने के बावजूद सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। 7 मई 2025 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत में हर महीने की 15 तारीख तक पेंशन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वह भी खोखला निकला।
इतना ही नहीं, HRTC के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री से लंबित देनदारियों के भुगतान की घोषणा भी करवाई गई थी, मगर धरातल पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
21 मई 2025 को हुई बैठक में परिवहन मंत्री ने कहा कि घोषणाएं तो मुख्यमंत्री ने की थीं, और जब वित्त विभाग से पैसा आएगा तभी भुगतान किया जा सकेगा। इससे साफ है कि सरकार और विभाग के बीच समन्वय की कमी है, जिसका खामियाजा पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है।
अब संगठन ने राज्य की राज्यपाल महोदय से आग्रह किया है कि वह सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दें ताकि HRTC पेंशनरों की समस्याओं का समाधान हो सके। जिलाधीश के माध्यम से ज्ञापन सौंप दिया गया है। संगठन का कहना है कि अगर अब भी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।



