➤ मंडी में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
➤ जन्म रजिस्ट्रेशन, अल्ट्रासाउंड निरीक्षण और स्कूल टीकाकरण पर ज़ोर
➤ रक्तदान जागरूकता पखवाड़ा के तहत चार शिविर आयोजित होंगे
विपलव सकलानी, मंडी
मंडी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर आयोजित जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम राय, डॉ. पवनेश, ग्यारह स्वास्थ्य खंड प्रमुखों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट, मदर एंड चाइल्ड यूनिट व जिला एड्स नियंत्रण समिति के सदस्य शामिल हुए।
बैठक का संचालन करते हुए डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि सरकारी और निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण जिला समुचित प्राधिकारी व खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी केंद्र सरकारी मानकों के अनुरूप ही कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मों का पंजीकरण आधार लिंक के साथ अनिवार्य किया जाए ताकि जन्म प्रमाण पत्र में पारदर्शिता और त्वरितता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं के सभी मामलों को ई-डार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत किया जाए और क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थानों का वार्षिक पंजीकरण और नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत अगस्त से पहले सभी आवश्यक टीके, दवाएं और उपकरणों की मांग सूची जिला मुख्यालय को भेज दी जाए। 0 से 6 वर्ष के बच्चों की जांच आंगनबाड़ियों में वर्ष में दो बार तथा 6 से 19 वर्ष के छात्रों की स्कूलों में एक बार स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। इस कार्य हेतु टीमें पूर्व में गठित हैं। साथ ही सभी स्वास्थ्य खंडों को अपने क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए सक्रिय प्रयास करने और इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. अरिंदम राय, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी ने जानकारी दी कि 15 से 30 जून तक रक्तदान जागरूकता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसमें चार रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 70 शिविरों में 3905 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसमें 3748 पुरुषों और 157 महिलाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को रक्तदान की शपथ दिलाई और जनहित में स्वास्थ्य सेवा की प्रतिबद्धता को दोहराया।



