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पांवटा साहिब में भाजपा कार्यक्रम में सिख समाज के आपत्तिजनक नारेबाजी!

➤ पांवटा साहिब में भाजपा कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी
➤ सिख समाज में नाराजगी, सार्वजनिक माफी और जांच की मांग
➤ भाजपा नेताओं की अग्रिम जमानत और बिंदल के बयान से विवाद गहराया

रोबिन शर्मा , सिरमौर


पांवटा साहिब में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई जब मंच से कथित तौर पर “चीमा कीमा नहीं चलेंगे” जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए। बताया जा रहा है कि यह नारा सिख समाज से ताल्लुक रखने वाले एसडीएम के विरोध में लगाया गया, जिसने देखते ही देखते सिख समुदाय में गहरा रोष पैदा कर दिया।

इस घटना के बाद स्थानीय सिख संगठनों और नागरिकों ने भाजपा नेताओं पर सिख समाज की भावना को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। आरोप यह भी है कि कार्यक्रम में भाग ले रहे भाजपा समर्थक भगवा वस्त्र पहनकर आए थे और नफरत फैलाने वाले नारों के माध्यम से सिखों के प्रति दुर्भावना को हवा देने का प्रयास किया गया।

इस बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि कार्यक्रम से पहले ही कुछ भाजपा नेताओं ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले रखी थी। इससे अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें पहले से विवाद की आशंका थी और यदि हां, तो फिर कार्यक्रम को उस रूप में आयोजित क्यों किया गया।

सबसे अधिक विवाद में भाजपा नेता डॉ. राजीव बिंदल का बयान “गिरफ्तार करके दिखाओ” आया है, जिसे सिख संगठनों ने उकसाने वाला बताया है। इसके अतिरिक्त, सुखराम चौधरी और राजीव बिंदल द्वारा कथित रूप से अधिकारियों से अपने नाम हटवाने की कोशिशें भी सामने आई हैं।

सिख संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि से विरोधाभासी बताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री जहां गुरुद्वारों में माथा टेककर सिखों को सम्मान देते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश में भाजपा नेताओं का यह रवैया उनके उस संदेश को धूमिल करता है।

अब सिख समाज की ओर से सार्वजनिक माफी, निष्पक्ष जांच, और सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। इंद्रजीत सिंह मीका सहित कई नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।