CDSCO की रिपोर्ट में हिमाचल की 37 दवा कंपनियों की 50 दवाएं फेल
देशभर में 186 दवाओं के सैंपल फेल, मरीजों की सेहत पर बड़ा खतरा
हृदय, बीपी, संक्रमण और अल्सर की दवाएं भी गुणवत्ता में फेल
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की मई 2025 की ड्रग अलर्ट रिपोर्ट ने देशभर में दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में 186 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से 50 दवाएं हिमाचल प्रदेश की 37 कंपनियों की हैं, जो गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कुछ कंपनियों की एक से ज्यादा दवाएं भी जांच में फेल हुई हैं।
CDSCO और सेंट्रल ड्रग लैब की जांच में 58 दवाएं फेल हुईं, जबकि अन्य 128 दवाएं राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में मानकों पर खरी नहीं उतरीं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई राज्यों ने अब तक अपनी रिपोर्ट CDSCO को नहीं भेजी, जिससे फेल दवाओं की संख्या और अधिक बढ़ने की आशंका है।
इन दवाओं में एसिडिटी, बुखार, अल्सर, हृदय रोग, हाई बीपी, सूजन, आर्थराइटिस और संक्रमण से संबंधित उपचार में प्रयोग होने वाली प्रमुख दवाएं शामिल हैं। कालाअंब, सोलन, बद्दी, नालागढ़, ऊना, कांगड़ा, पांवटा साहिब जैसे क्षेत्रों की कंपनियां इस रिपोर्ट में नामित हैं।
हैरानी की बात यह है कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, वे आमतौर पर हजारों रुपये खर्च कर मरीजों द्वारा खरीदी जाती हैं, लेकिन उनका असर न के बराबर रहता है, जिससे मरीजों की सेहत और जीवन खतरे में पड़ सकता है। यह स्थिति सीधे मरीजों की जान से खिलवाड़ के समान है।
हिमाचल के ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनकी कंपनियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही इन दवाओं का स्टॉक बाजार में भेजने पर रोक लगाई जाएगी। जिन कंपनियों के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
यह पहला मौका नहीं जब हिमाचल की दवाएं जांच में फेल हुई हों। CDSCO हर महीने ड्रग अलर्ट जारी करता है और हिमाचल की कंपनियों का नाम इसमें अक्सर आता है। तमाम दावों के बावजूद गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा, जो राज्य सरकार और ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
हिमाचल की जिन 50 दवाओं के सैंपल फेल हुए, वे इस प्रकार हैं
- एलप्रोकल टैबलेट – सॉफ्ट टच फार्मा, सोलन
- एटोरवास्टेटिन टैबलेट – कैंडोर फार्मा, सिरमौर
- राइटक्लेव सिरप – जेएम लैब्स, सोलन
- AXID 200 – जी लैब्स, पांवटा
- AGECLAV-375 टैबलेट – एमएम फॉर्मूलेशन, सिरमौर
- AMOXMED-CV 625 – एलेक्सा फार्मा, सोलन
- B-ZOLE – सैमसन लैब्स, सोलन
- लैंज़टेल-एएम – रेवांटिस हेल्थकेयर, सोलन
- अर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड – हीलर्स लैब, बद्दी
- फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड सिरप – मेडिपोल फार्मा, बद्दी
- इबुप्रोफेन ओरल सस्पेंशन – मेडिपोल फार्मा, बद्दी
- एल्सिनैक-एसआर – लीफोर्ड हेल्थकेयर, बद्दी
- एसेलोज़ल-पी – YLC फार्मा, सोलन
- सुंडरिन (सेफिक्साइम) – नेक्टर लाइफसाइंसेज, बद्दी
- डेपकोफ कफ सिरप – गोपाल लाइफ साइंस, बद्दी
- RUMIHEAL-D टैबलेट – सिस्टोल रेमेडीज़, सिरमौर
- ट्रिकम-एक्सटी – कोरोना रेमेडीज, सोलन
- फोंडास्टॉप सी क्रीम – स्पेन फॉर्म्युलेशन, ऊना
- मिसोटॉप 200 – सेलस फार्मा, बद्दी
- ACIJAN-SP – एफिन फॉर्मूलेशन्स, नालागढ़
- DICLOZEG-P – स्पेन फॉर्म्युलेशन, ऊना
- ज़ेवोडीन – जी लैब्स, पांवटा साहिब
- रेबटिल-DSR – एलवी जीवन विज्ञान, बद्दी
- एक्लिज़ैकएएस 75 – सैंक्टस ग्लोबल फॉर्मूलेशन, सोलन
- CEFXEN-O – वीएडीएसपी फार्मा, बद्दी
- सिओक्स-एसआर – ग्नोसिस फार्मा, सिरमौर
- आरज़ोल-डी – श्री साईं बालाजी फार्मा, बद्दी
- DOXYG LO -LB – एनरोज़ फार्मा, बद्दी
- रेबिप्राजोल इंजेक्शन – मार्टिन और ब्राउन बायो, नालागढ़
- पेंटाप्राजोल बीपी – एएनजी लाइफसाइंसेज, नालागढ़
- डोरसाई कैप्सूल – Dycott हेल्थकेयर, बद्दी
- मार्टिगिल – 400 – मार्टिन और ब्राउन बायो, नालागढ़
- टेल्मिसर्टन 40MG – स्विस गार्नियर, ऊना
- एल्बेंडाजोल टैबलेट – एफी पैरेंट्रल, बद्दी
- ओफ़्लॉक्सासिन टैबलेट – डच फॉर्मुलेशन, सिरमौर
- ओफ़्लॉक्सासिन + ऑर्निडाज़ोल – डच फॉर्मुलेशन, सिरमौर
- एज़िथ्रोमाइसिन 500MG – डच फॉर्मुलेशन, सिरमौर
- पोलो-625 एलबी – पेराडोक्स फार्मा, बद्दी
- रिक-250 – पेराडोक्स फार्मा, बद्दी
- पेंटाप्राजोल + डॉमपेरिडोन – पेराडोक्स फार्मा, बद्दी
- क्लोपिडोग्रेल + एस्प्रिन – थियोन फार्मा, नालागढ़
- AXID 200 (फिर से) – जी लैब्स, पांवटा
- सिओक्स-एसआर (फिर से) – ग्नोसिस फार्मा, सिरमौर
- ACIJAN-SP (फिर से) – एफिन फॉर्मूलेशन्स, नालागढ़
- DICLOZEG-P (फिर से) – स्पेन फॉर्म्युलेशन, ऊना
- ज़ेवोडीन (फिर से) – जी लैब्स, पांवटा साहिब
- डोरसाई (फिर से) – Dycott हेल्थकेयर, बद्दी
- CEFXEN-O (फिर से) – वीएडीएसपी फार्मा, बद्दी
- पोलो-625 एलबी (फिर से) – पेराडोक्स फार्मा, बद्दी
- रेबिप्राजोल इंजेक्शन (फिर से) – मार्टिन और ब्राउन बायो, नालागढ़



