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श्री चामुंडा मंदिर में गद्दी समुदाय ने मनाया शिव पूजन नुआला

➤ श्री चामुंडा मंदिर में गद्दी समुदाय ने भव्य शिव पूजन नुआला आयोजित किया
➤ लोकगायक बहादुर भारद्वाज के शिव भजनों पर देर रात तक झूमे भक्त
➤ शोभायात्रा, भजन, भंडारे और प्रतिभाओं का सम्मान कार्यक्रम की विशेषता रहे

शिवांशु शुक्‍ला, धर्मशाला


धर्मशाला के पावन श्री चामुंडा मंदिर परिसर में शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक गद्दी समुदाय द्वारा भव्य पारंपरिक शिव पूजन नुआले का आयोजन किया गया। यह आयोजन गद्दी धौगरी व लौहार सेवा दल हिमाचल प्रदेश की ओर से किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और रातभर भगवान शिव की स्तुति और भजनों में लीन रहे।

नुआले की शुरुआत लोकगायक बहादुर भारद्वाज की स्वरमयी शिव आरती से हुई। इसके बाद उन्होंने “शिव ऐंचड़ी ना वो थिई धरती काश”, “महादेवा हो महादेवा”, “ले वो शामी अपना नुआला” जैसे लोकप्रिय शिव भजनों के माध्यम से माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। श्री चामुंडा मंदिर के लंगर भवन में आयोजित यह आयोजन एक विशाल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगम बन गया, जिसमें समस्त भवन श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और हर कोई भजनों की लहरियों पर झूमता नजर आया।

यह आयोजन विशेष भी था क्योंकि यह दिन 21 जून को पड़ा, जिसे वर्ष का सबसे बड़ा दिन, अंतरराष्ट्रीय संगीत दिवस और विश्व योग दिवस के रूप में भी मनाया गया। इस पावन अवसर पर शिव पूजन के साथ-साथ विशाल कांगड़ी धाम (भंडारे) का भी आयोजन किया गया।

पूजन से पहले श्री चामुंडा मंदिर परिसर से एक शोभायात्रा निकाली गई, जो शक्तिपीठ श्री चामुंडा माता के दर्शन के लिए गई। इसके बाद शाम छह बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ, जिसमें जिला भर से आए गद्दी समुदाय के कलाकारों ने अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, सरकारी, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। यह नुआला आयोजन गद्दी परंपरा के अनुरूप अत्यंत भक्ति, अनुशासन और उल्लास से भरपूर रहा। इसमें गद्दी धौगरी व लौहार सेवा दल हिमाचल प्रदेश के सभी सदस्य, उनके परिवार और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।