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फ्लाइंग ऑफिसर बनकर घर लौटे आदित्य, गांव ने बैंड-बाजे से किया स्वागत

हंगलोह गांव पहुंचे फ्लाइंग ऑफिसर आदित्य कश्यप का पंचायत ने किया बैंडबाजे से स्वागत
माता-पिता को नहीं थी बेटे के आगमन की खबर, पंचायत ने भावुक कर दिया सम्मान
जवाहर नवोदय से सफर शुरू कर एयर फोर्स तक पहुंचे आदित्य, बोले- गांववालों का आभारी हूं


Indian Air Force: पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हंगलोह गांव में सोमवार को गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला जब गांव के आदित्य कश्यप भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर पहली बार घर लौटे। गांव पहुंचते ही उनका पंचायत और स्थानीय लोगों ने बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। हर ओर उल्लास था, ग्रामीण झूम उठे, और आदित्य को फूलों की मालाओं से लाद दिया गया

गांव के पंचायत प्रधान ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस पूरे आयोजन की खास बात यह रही कि आदित्य के माता-पिता को उनके आगमन की खबर नहीं थी। जब उन्होंने अपने बेटे को फ्लाइंग ऑफिसर की वर्दी में देखा, तो भावुकता और गर्व से उनकी आंखें नम हो गईं

पिता कुलदीप कश्यप ने कहा, “हमारा बेटा जून 2024 में एयर फोर्स एकेडमी की ट्रेनिंग के लिए गया था, और आज फ्लाइंग ऑफिसर बनकर लौटा है, यह हमारे जीवन का सबसे बड़ा दिन है। हम पंचायत और गांववासियों का इस सम्मान के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं।”

माता रेखा कश्यप ने भी बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आदित्य बचपन से ही मेहनती और अनुशासित रहा है, और आज उसका सपना सच हुआ है।

आदित्य कश्यप ने इस अवसर पर अपने गांववालों को धन्यवाद देते हुए कहा, “मैंने जवाहर नवोदय विद्यालय सोलन से पढ़ाई की और फिर एफकैट परीक्षा पास करके एयर फोर्स एकेडमी गया। वहां कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के बाद मुझे कमीशंड ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया और मेरी पहली पोस्टिंग फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में हुई है। आज गांव में जो स्वागत हुआ, उसने मेरा मन भावविभोर कर दिया। यह सम्मान मैं कभी नहीं भूलूंगा।”

आदित्य की सफलता ने हंगलोह गांव को गौरवान्वित कर दिया है और क्षेत्र के युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित किया है