➤ नूरपुर-इंदौरा में आम का सीजन शुरू, दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी
➤ स्थानीय आमों की देशभर में बढ़ रही मांग, रसीलेपन के लिए मशहूर
➤ बागवानों ने सेब बागवानों जैसी सरकारी सुविधाओं की उठाई मांग
संजीव महाजन, नुरपूर
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के नूरपुर और इंदौरा क्षेत्रों में फलों के राजा आम का सीजन शुरू हो गया है। यहां के नूरपूरी और इंदौरी आम अपने अनोखे स्वाद और रसीलेपन के लिए देशभर में जाने जाते हैं। जैसे ही आम पकने लगे हैं, यहां के बागवान और किसान इन आमों को अन्य राज्यों में भेजने की तैयारियों में जुट गए हैं।
बागवान और व्यापारी नरेश शर्मा ने बताया कि नूरपुर और इंदौरा के आम देश के उत्तर भारत में विशेषकर जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब में काफी पसंद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि उत्तर भारत में यूपी जैसे राज्यों में आम की बहुतायत होती है, लेकिन हिमाचल का आम अपनी शुद्धता, मिठास और रसीलेपन के कारण खास पहचान रखता है।
शर्मा ने यह भी कहा कि पहले यहां देसी किस्म के आम ज्यादा होते थे, लेकिन अब उनकी जगह दशहरी और अन्य हाईब्रीड किस्मों ने ले ली है। यहां के आमों की तुलना मलिहाबाद के आमों से भी ज्यादा रसीले के तौर पर की जा रही है।
हालांकि, इस आम सीजन में बागवानों को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। बारिश की संभावना के कारण आमों में कालेपन की आशंका जताई जा रही है, जिससे गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। वहीं, फसल का बाजार रेट भी इस बार अपेक्षाकृत कम चल रहा है, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका सता रही है।
बागवानों ने मांग की है कि जिस तरह ऊपरी हिमाचल में सेब उत्पादकों को सरकारी सुविधाएं दी जाती हैं, उसी प्रकार की सहायता और संरक्षण आम बागवानों को भी मिले, ताकि वे प्राकृतिक आपदाओं और बाजार अस्थिरता से निपट सकें। इसके अलावा, सरकार द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और मौसम आधारित सलाह भी समय-समय पर दी जाए, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।



