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आज से आरंभ हुई गुप्त नवरात्रि, साधना और सिद्धि का दुर्लभ योग

आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5:25 से
सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, आज किए गए कार्य होंगे सफल
गुरुवार व्रत, विष्णु पूजा, केले के पौधे की पूजा और गुरु दोष निवारण का उत्तम दिन


26 जून 2025 का पंचांग धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आरंभ हो रही है। यह नौ दिवसीय साधना पर्व है, जिसमें साधक 10 महाविद्याओं की पूजा करते हैं और मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना होती है। आज सुबह 5:25 बजे से कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है, और यह समय तंत्र-मंत्र साधना के लिए बेहद उपयुक्त माना गया है। इस नवरात्रि की दुर्गाष्टमी 3 जुलाई को और महानवमी 4 जुलाई को है।

आज का दिन गुरुवार है, जो भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए समर्पित होता है। आज सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना है, जो प्रातः 8:46 बजे से लेकर अगली सुबह 5:25 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता की पूर्ण संभावना होती है।

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, चंदन, हल्दी, पंचामृत, तुलसी और गुड़ व बेसन के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। विष्णु सहस्रनाम और विष्णु चालीसा का पाठ कर गुरुवार व्रत कथा पढ़ें और आरती करें। केले के पौधे की पूजा करें और केला न खाएं, क्योंकि इसमें श्रीहरि का वास होता है। गुरु दोष निवारण के लिए पीले वस्त्र, केसर, हल्दी, धार्मिक पुस्तक और गुड़ का दान अत्यंत फलदायी है।

आज का तिथि विवरण इस प्रकार है:

  • तिथि – प्रतिपदा दोपहर 1:24 बजे तक, फिर द्वितीया

  • नक्षत्र – आर्द्रा सुबह 8:46 बजे तक, फिर पुनर्वसु

  • योग – ध्रुव रात 11:40 बजे तक, फिर व्याघात

  • चंद्रमा – मिथुन राशि में रात 1:39 बजे तक, फिर कर्क

  • सूर्योदय – 5:25 AM, सूर्यास्त – 7:23 PM

  • चंद्रोदय – 5:54 AM, चंद्रास्त – 8:38 PM

दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त:

  • शुभ: 5:25 AM – 7:10 AM

  • चर: 10:39 AM – 12:24 PM

  • लाभ: 12:24 PM – 2:09 PM

  • अमृत: 2:09 PM – 3:53 PM

  • शुभ: 5:38 PM – 7:23 PM

रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त:

  • अमृत: 7:23 PM – 8:38 PM

  • चर: 8:38 PM – 9:54 PM

  • लाभ: 12:24 AM – 1:39 AM

  • शुभ: 2:55 AM – 4:10 AM

  • अमृत: 4:10 AM – 5:25 AM

अशुभ समय:

  • राहुकाल: 2:09 PM – 3:53 PM

  • यमगण्ड: 5:25 AM – 7:10 AM

  • गुलिक काल: 8:55 AM – 10:39 AM

  • दुर्मुहूर्त: 10:04 AM – 11:00 AM, 3:39 PM – 4:35 PM

  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा

  • शिववास: श्मशान में दोपहर 1:24 PM तक, फिर गौरी के साथ