➤ श्री शेष नाग देवता ने दिए प्रत्यक्ष दर्शन
➤ 16 जुलाई से शुरू होंगे सावन-भादों मेले
➤ सांप-बिच्छू के काटने पर चमत्कारी मिट्टी से लाभ
Dehra, Barjeshwar Saki
देहरा उपमंडल के रानीताल के समीप चेलियां गांव स्थित प्रसिद्ध श्री शेष नाग देवता मंदिर में बृहस्पतिवार को अद्भुत घटना हुई जब नाग देवता ने प्रत्यक्ष दर्शन देकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस दृश्य को देखने के लिए सैंकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े।
मंदिर के पुजारी रविन्द्र जमुआल ने बताया कि यहां हर वर्ष सावन-भादों माह में पारंपरिक मेले आयोजित होते हैं। इस वर्ष 16 जुलाई से दो माह तक यह मेला चलेगा, जिसमें पंजाब, जम्मू और हिमाचल के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे।
यह मंदिर श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां की चमत्कारी मिट्टी और धागा सांप-बिच्छू के काटने पर विशेष लाभकारी माने जाते हैं। मंदिर से ली गई मिट्टी को घर में छिड़कने से जहरीले जीव-जंतु प्रवेश नहीं करते। माना जाता है कि यहां आने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
सैंकड़ों वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, जमुआल परिवार अपने पूर्वजों द्वारा श्री शेष नाग देवता को जम्मू से डोल-नगाड़ों के साथ पालकी में लेकर यहां लाया था। तब से प्रतिवर्ष यह मेला आयोजित होता आ रहा है।
पुजारी राजेश्वर जमुआल और नरेंद्र जमुआल ने बताया कि समय-समय पर नाग देवता प्रत्यक्ष दर्शन देकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर धन्यवाद अर्पित करने दोबारा आते हैं।
मेले के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, भंडारे और सेवा कार्य होंगे। पुजारी रविन्द्र जमुआल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले में पहुंचकर इस अनूठी परंपरा को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।



