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सीएम सुक्‍खू ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नीति और हाइड्रो संसाधनों से लाभ की मांग उठाई

➤मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में हिमाचल के हितों की खुलकर वकालत की
➤पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नीति और हाइड्रो संसाधनों से लाभ की मांग उठाई
➤दल-बदल कानून के सख्त लागू होने को देशभर में हिमाचल की उपलब्धि बताया

पराक्रम चंद, शिमला



मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियां, संसाधन और पर्यावरणीय योगदान देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब-हरियाणा में बहने वाली अधिकतर नदियों का उद्गम हिमाचल से ही होता है, इसलिए हाइड्रो पावर संसाधनों से मिलने वाले लाभ में राज्य को वाजिब हिस्सा मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों को देश के फेफड़े बताते हुए कहा कि यहां की हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण उत्तर भारत को शुद्ध हवा मुहैया कराते हैं। ऐसे में इन प्रदेशों की अलग से नीतियां बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के साथ जोड़कर पहाड़ी राज्यों का सही विकास संभव नहीं है। अलग रणनीति और नीति के बिना यहां के लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता।

सम्मेलन में दल-बदल कानून को सख्ती से लागू करने की हिमाचल की मिसाल का भी उन्होंने उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई कर हिमाचल ने पूरे देश को नई राह दिखाई है। इससे लोकतंत्र में अनुशासन की भावना मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, जैसे सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण व अन्य महत्वपूर्ण पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार का उद्देश्य हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। सम्मेलन में उनकी बातों को सभी प्रतिनिधियों ने ध्यानपूर्वक सुना और पहाड़ी प्रदेशों के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को स्वीकारा।