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शिमला में मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ FIR, NHAI अधिकारी ने लगाए आरोप

➤हिमाचल मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर मारपीट का केस दर्ज
➤NHAI अधिकारी ने शिमला पुलिस में शिकायत दी
➤भट्ठाकुफर में हुई घटना पर FIR दर्ज कर जांच शुरू

पराक्रम चंद, शिमला


हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ शिमला के ढली थाना में मारपीट की एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) के मैनेजर अचल जिंदल की शिकायत पर दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता अचल जिंदल ने आरोप लगाया कि बीते सोमवार को शिमला के भट्ठाकुफर क्षेत्र में मंत्री ने उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान कथित तौर पर अपशब्द कहे गए और धमकियां भी दी गईं। इसके बाद जिंदल ने ढली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

यह मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए सरकार को घेरा है। हालांकि अभी तक मंत्री अनिरुद्ध सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी पक्षों से पूछताछ होगी। इस घटना को लेकर शिमला में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

 

उधर,  शिमला में पंचायती राज मंत्री की उपस्थिति में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कृत्य प्रदेश की कानून व्यवस्था के पतन का शर्मनाक उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि NHAI के दो अधिकारियों को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलाया गया और वहां मीडिया कर्मियों को धमकाकर कैमरे बंद करवाए गए। इसके बाद दोनों अधिकारियों को कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा गया। मारपीट के दौरान उनके ऊपर गमले तक फेंके गए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि घटना के बाद भी एसडीएम और पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। प्रशासन ने घायल अधिकारियों को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। अधिकारियों ने किसी तरह मीडिया कर्मियों की मदद से भागकर जान बचाई और फिलहाल IGMC अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि हमला घटिया मानसिकता और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि इस गंभीर मामले में तुरंत संलिप्त मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रशासन और सरकार मिलकर पूरे मामले को दबाने में जुटे हैं। मीडिया को धमकियां दी जा रही हैं कि खबर चलाने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा। साथ ही पीड़ित अधिकारियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वे शिकायत वापस लें।

विवाद की जड़ में भट्टाकुफर में गिरे भवन की जिम्मेदारी को लेकर तनातनी बताई जा रही है, जिसमें NHAI को दोषी माना जा रहा है। इसी विवाद के बीच पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह घटनास्थल पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उनकी उपस्थिति में ही अधिकारियों के साथ मारपीट हुई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की अराजकता और गुंडागर्दी किसी भी सूरत में सहन नहीं की जाएगी और सरकार को साफ संदेश देना होगा कि कानून सबके लिए बराबर है।