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NHAI अफसरों पर भी FIR, बढ़ा सियासी घमासान

➤ भट्टाकुफर भवन गिरने के मामले में NHAI अधिकारियों पर दो नई FIR दर्ज
➤ पहले मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर दर्ज हुआ था केस, अब अफसरों पर भी मारपीट के आरोप
➤ मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक लापरवाही की बहस में उलझा



राजधानी शिमला के भट्टाकुफर में पांच मंजिला भवन गिरने की घटना अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले चुकी है। पहले NHAI के मैनेजर अचल जिंदल ने पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी। मंत्री पर आरोप था कि उन्होंने उनके सिर पर पानी का घड़ा मारा। इसी मामले में पुलिस ने मंत्री पर एफआईआर दर्ज की थी।

अब इस विवाद में नया मोड़ तब आया, जब NHAI के मैनेजर अचल जिंदल और इंजीनियर योगेश के खिलाफ भी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हो गई हैं। चम्याणा पंचायत के वार्ड मेंबर निहाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि 30 जून को वे जब भवन गिरने की वजह और सुरक्षा इंतजाम पूछने पहुंचे, तो इन अधिकारियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्होंने कहा कि NHAI की लापरवाही के चलते रंजना वर्मा का मकान गिरा और आसपास के अन्य घर भी खतरे में हैं।

पुलिस ने वार्ड मेंबर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद माठू कॉलोनी में तीन-चार मकानों को खाली करवाया गया, जबकि आठ-दस मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि NHAI की खुदाई और कटान से इस क्षेत्र की नींव कमजोर हुई, जिसकी चेतावनी पहले से दी जा रही थी। लेकिन सुरक्षा दीवार और निगरानी व्यवस्था की मांग अनसुनी रही।

अब पुलिस ने दोनों पक्षों— मंत्री और NHAI अधिकारियों—से बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।
यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, निर्माण मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी बहस में तब्दील हो गया है।